चंडीगढ़। पंजाब सरकार की ओर से सफाई सेवकों और सीवरमैन के लिए कल्याणकारी पैकेज घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद सफाई कर्मचारी यूनियन ने इसे खारिज करते हुए हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया। यूनियन का कहना है कि सरकार की घोषणा उनकी प्रमुख मांगों को पूरा नहीं करती।
यूनियन नेताओं ने सरकार की ओर से संविदा सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 1 अगस्त से बढ़ाकर 20,520 रुपये करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि विभिन्न कटौतियों के बाद कर्मचारियों के हाथ में करीब 16 हजार रुपये ही आएंगे, जबकि उनकी मांग न्यूनतम 40 हजार रुपये मासिक वेतन की है। सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव गई चंद ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव को यूनियन ने अस्वीकार कर दिया है और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं।
यूनियन ने नियमितीकरण के लिए निर्धारित 45 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा का भी विरोध किया है। यूनियन के राज्य सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा कि लगभग 30 हजार कर्मचारियों में से करीब 15 प्रतिशत की आयु 45 वर्ष से अधिक है। इनमें कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें कुछ वर्ष पहले ही संविदा पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने सरकार से आयु सीमा में छूट देने की मांग की।
पंजाब सरकार ने मंगलवार देर रात सफाई सेवकों और सीवरमैन के लिए कल्याणकारी पैकेज की घोषणा की थी। इसके तहत तीन वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट पर लाने, पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके संविदा कर्मचारियों तथा वर्ष 2021 में नियुक्त कर्मचारियों को नियमित करने और संविदा कर्मचारियों का मासिक वेतन बढ़ाकर 20,520 रुपये करने का निर्णय लिया गया।
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने सफाई कर्मचारियों के हित में यह बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को पात्र कर्मचारियों का विवरण भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हालांकि, यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वेतन, नियमितीकरण और अन्य मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक राज्यभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।









