• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों के मोक्ष के लिए करें ये काम

Writer D by Writer D
27/09/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Sarva pitru Amavasya

Sarva pitru Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

शास्त्रों में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या का महत्व बताया गया है। पितरों का इस अमावस्या में श्राद्ध किये जाने पर इस तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहते हैं। इस दिन सभी पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है। पितरों की तिथि याद न होने पर सर्वपितृ अमावस्या (Sarvapitra Amavasya)  के दिन श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है। यह मोक्षदायिनी अमावस्या 2 अक्टूबर को है। मान्यता है कि अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या (Sarvapitra Amavasya) को पितृ अपने धाम लौट जाते हैं। पितृ परिवार की खुशहाली देखकर प्रसन्न होते हैं।

गाय को हरा चारा खिलाएं

श्राद्ध के आखिरी दिन उन पितरों के लिए कर्मकांड किये जाते हैं, जिनकी मृत्यु की तिथि परिजनों को मालूम नहीं होती है। इस दिन पितरों के आत्मा की शांति के लिए गोधूलि बेला में गाय को हारा चारा खिलाना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

संध्या के समय दीप जलाएं

पितृपक्ष के आखिरी दिन पिंडदान और तर्पण की क्रिया के बाद गरीब ब्राह्मणों को अपनी यथाशक्ति अनुसार दान देने से भी पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। संध्या के समय दो, पांच या 16 दीप भी जलाने चाहिए।

श्राद्ध विधि

– किसी सुयोग्य विद्वान ब्राह्मण के जरिए ही श्राद्ध कर्म (पिंड दान, तर्पण) करवाना चाहिए।

– श्राद्ध कर्म में पूरी श्रद्धा से ब्राह्मणों को तो दान दिया ही जाता है साथ ही यदि किसी गरीब, जरूरतमंद की सहायता भी आप कर सकें तो बहुत पुण्य मिलता है।

– इसके साथ-साथ गाय, कुत्ते, कौवे आदि पशु-पक्षियों के लिए भी भोजन का एक अंश जरूर डालना चाहिए।

– यदि संभव हो तो गंगा नदी के किनारे पर श्राद्ध कर्म करवाना चाहिए। यदि यह संभव न हो तो घर पर भी इसे किया जा सकता है। जिस दिन श्राद्ध हो उस दिन ब्राह्मणों को भोज करवाना चाहिए। भोजन के बाद दान दक्षिणा देकर भी उन्हें संतुष्ट करें।

श्राद्ध पूजा दोपहर के समय शुरू करनी चाहिए। योग्य ब्राह्मण की सहायता से मंत्रोच्चारण करें और पूजा के पश्चात जल से तर्पण करें। इसके बाद जो भोग लगाया जा रहा है उसमें से गाय, कुत्ते, कौवे आदि का हिस्सा अलग कर देना चाहिए। इन्हें भोजन डालते समय अपने पितरों का स्मरण करना चाहिए। मन ही मन उनसे श्राद्ध ग्रहण करने का निवेदन करना चाहिए।

Tags: Sarvapitra AmavasyaSarvapitra Amavasya 2024Sarvapitra Amavasya date
Previous Post

इस दिन से शुरू हो रहा है शारदीय नवरात्रि पर्व, इससे होगा माता रानी का आगमन

Next Post

इस दिन मनाया जाएगा दशहरा, जानें पूजा-विधि और महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

अखिलेश की परमिशन के बिना शिवपाल और धर्मेंद्र यादव को सपा दफ्तर में नहीं मिलती एंट्री, राजभर का बड़ा हमला

29/09/2026
BJP
Main Slider

यूपी MLC चुनाव: BJP ने घोषित किए 6 और प्रत्याशी

29/09/2026
Main Slider

यूपीआईटीएस: लोकल से ग्लोबल की बड़ी छलांग

29/09/2026
Main Slider

विभिन्न राज्यों की संस्कृति, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को जानें उत्तराखण्ड के युवा: मुख्यमंत्री

29/09/2026
Main Slider

समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी

29/09/2026
Next Post
Dussehra

इस दिन मनाया जाएगा दशहरा, जानें पूजा-विधि और महत्व

यह भी पढ़ें

Jaya Ekadashi

सफला एकादशी के दिन न करें ये काम, बिगड़ जाएंगे बनते कार्य

12/12/2025
saurav ganguly

अचानक सचिवालय पहुंचे सौरव गांगुली, ममता संग 15 मिनट तक बैठक

16/01/2023
CJI Surya Kant

लंदन में CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम के दौरान हंगामा, सवाल-जवाब सत्र में बढ़ा विवाद

06/06/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version