• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शनि प्रदोष व्रत, शिव और शनि की पूजा का खास संयोग, जानिए महत्व और पूजा-विधि

Writer D by Writer D
24/04/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shani Pradosh Vrat

Shani Pradosh Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास में कोई न कोई व्रत, त्योहार जरूर पड़ता है। जिस तरह प्रत्येक मास की एकादशी पुण्य फलदायी बताई जाती है, ठीक उसी प्रकार हर मास के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि भी व्रत उपवास के लिए काफी शुभ होती है।

त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत भी कहा जाता है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि, प्रदोष व्रत करने वाले लोगों के सभी प्रकार के दोषों का निवारण हो सकता है। इस बार प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है। आइए जानते हैं शनिवार के दिन रखे जाने वाले प्रदोष व्रत यानी शनि त्रयोदशी के महत्व व पूजा विधि के बारे में।

शनि प्रदोष का महत्व

वैसे तो प्रत्येक मास की दोनों त्रयोदशी के व्रत पुण्य फलदायी माने जाते हैं। लेकिन भगवान शिव के भक्त शनिदेव के दिन त्रयोदशी का व्रत समस्त दोषों से मुक्ति देने वाला माना जाता है। संतान प्राप्ति की कामना के लिए शनि त्रयोदशी का व्रत विशेष रूप से सौभाग्यशाली माना जाता है।

शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि

व्रत करने वाले को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नहाना चाहिए।

इसके बाद श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव की पूजा और ध्यान करते हुए व्रत शुरू किया जाता है।

प्रदोष व्रत में शिवजी और माता पार्वती की पूजा की जाती है।

इस व्रत में व्रती को निर्जल रहकर व्रत रखना होता है।

प्रात: काल स्नान करके भगवान शिव की बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप सहित पूजा करें।

संध्या काल में फिर से स्नान करके सफ़ेद कपड़े पहनकर इसी प्रकार से शिवजी की पूजा करनी चाहिए।

शाम को शिव पूजा के बाद पानी पी सकते हैं।

Tags: shani pradosh vratshani pradosh vrat importanceShani Pradosh Vrat mahatavshani pradosh vrat puja vidhishani pradosh vrat shubh muhurat
Previous Post

24 अप्रैल राशिफल : जानिए कैसा बीतेगा आपका आज का दिन

Next Post

लखनऊ-अयोध्या राज्यमार्ग पर आपस में टकराई तीन बसें, दो की मौत, 12 यात्री घायल

Writer D

Writer D

Related Posts

Rain havoc in Uttarakhand
Main Slider

उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

01/08/2026
Several major rules changed from August 1st.
Business

आज से बदल गए कई बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर

01/08/2026
CM Vishnudev Sai met Nitin Nabin.
Main Slider

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने की नितिन नबीन से मुलाकात

01/08/2026
Female student apologized after remarks about PM Modi.
Main Slider

‘मुझसे गलती हो गई’… पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद छात्रा का माफीनामा आया सामने

01/08/2026
CM Dhami heard public grievances at the camp office.
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने कैंप कार्यालय में सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

31/07/2026
Next Post
accident

लखनऊ-अयोध्या राज्यमार्ग पर आपस में टकराई तीन बसें, दो की मौत, 12 यात्री घायल

यह भी पढ़ें

Suicide

युवती ने फांसी का फंदा लगाकर दे दी जान, इस बात से थी त्रस्त

01/04/2022
Smart TV

Be Alert! आपकी बातें सुन रहा Smart TV, फटाफट करें ये काम

22/11/2025

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी रही नरमी, चेक करें अपने शहर के रेट

13/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version