• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन मनाई जाएगी शीतलाष्टमी, ऐसे लगाएं माता को बसौड़ा का भोग

Writer D by Writer D
09/03/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shitala Ashtami

Shitala Ashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

शीतलाष्टमी (Shitalashtami ) 12 मार्च को मनाई जाएगी और घर-घर में माता शीतला की पूजा होगी। शीतलाजनित रोगों को दूर करने की कामना से महिलाएं माता शीतला का व्रत करती हैं। माता शीतला को बसौड़ा (बसिऔरा) का भोग लगाया जाएगा। व्रत के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता।

बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रो. विनय पांडेय ने बताया कि शीतलाष्टमी (Shitalashtami ) व्रत करने से व्रती के कुल में दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक ज्वर, दुर्गंधयुक्त फोड़े, चेचक, नेत्रों के समस्त रोग, शीतला की फुंसियों के चिह्न तथा शीतलाजनित दोष दूर हो जाते हैं। इस व्रत के करने से शीतलादेवी प्रसन्न होती हैं।

इस मंत्र का करें जाप

प्रातः काल शीतल जल से स्नान कर मम गेहे शीतलारोगजनितोपद्रवप्रशमनपूर्वकायुरारोग्यैश्वर्याभिवृद्धये शीतलाष्टमीव्रतमहं करिष्ये। ऐसा संकल्प करें।

व्रत की विशेषता है कि शीतला देवी को भोग लगाने वाले सभी पदार्थ एक दिन पूर्व ही बना लिए जाते हैं अर्थात शीतला माता को एक दिन का बासी (शीतल) भोग लगाया जाता है। इसलिए लोक में यह व्रत बसौड़ा के नाम से भी प्रसिद्ध है। जिस दिन व्रत रहता है, उस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है।

शीतलाष्टमी (Shitalashtami ) के व्रत में क्या करें

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि शीतलाष्टमी के व्रत में रसोईघर की दीवार पर पांचों अंगुली घी में डुबोकर छापा लगाया जाता है। उस पर रोली, चावल चढ़ाकर शीतला माता के गीत गाए जाते हैं। सुगंधित गंध-पुष्पादि से शीतला माता का पूजन-कर ”शीतलास्त्रोत” का यथासंभव पाठ करना चाहिए तथा शीतला माता की कहानी भी सुननी चाहिए।

रात्रि में दीपक जलाना चाहिए। एक थाली में भात, रोटी, दही, चीनी, जल का गिलास, रोली, चावल, मूंग की दाल का छिलका, हल्दी, धूपबत्ती तथा मोंठ, बाजरा आदि रखकर घर के सभी सदस्यों को स्पर्श कराकर शीतला माता के मंदिर में चढ़ाना चाहिए।

इस दिन चौराहे पर भी जल चढ़ाकर पूजन करने का विधान है। फिर मोंठ-बाजरा का बायना निकालकर उसपर रुपया रखकर अपनी सास के चरणस्पर्श कर उन्हें देने की प्रथा है। इसके बाद किसी वृद्धा को भोजन कराकर दक्षिणा देनी चाहिए।

Tags: ShitalashtamiShitalashtami dateShitalashtami pujaShitalashtami vrat
Previous Post

अपराजिता के फूल के उपाय बदल देंगे आपकी किस्मत, धन से भरी रहेगी तिजोरी

Next Post

धन आगमन में बाधा पैदा कर सकता है गलत मनी प्लांट, लगाने से पहले ऐसे करें पहचान

Writer D

Writer D

Related Posts

LPG gas cylinder
Main Slider

आम आदमी को बड़ी रहत, LPG सप्लाई पर सभी प्रतिबंध खत्म

26/06/2026
Vastu Tips
फैशन/शैली

इस दिशा की खिड़की खोलने से घर से दूर होंगी परेशानियां

26/06/2026
tips for money
धर्म

सुख-समृद्धि का होगा आगमन, घर में लगाएं ये पौधे

26/06/2026
धर्म

इन चीजों को फौरन कर दें घर से बाहर, वरना दरिद्रता ले लेगी एंट्री

26/06/2026
Peepal
फैशन/शैली

घर से ऐसे हटाएं पीपल के पेड़ को, नहीं लगेगा वास्तु दोष

26/06/2026
Next Post
money plant

धन आगमन में बाधा पैदा कर सकता है गलत मनी प्लांट, लगाने से पहले ऐसे करें पहचान

यह भी पढ़ें

योगी सरकार का बड़ा फैसला Yogi government's big decision

योगी सरकार का बड़ा फैसला : यूपी 896 हेड कांस्‍टेबलों के डिमोशन का आदेश वापस

06/11/2020
Gorakhpur Nagar Nigam

सीएम योगी का विजन: देश में मॉडल बना गोरखपुर नगर निगम

07/04/2026
PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

16/07/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version