• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

‘स्किन टू स्किन टच’: SC ने कहा- यौन इच्छा से छूना पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध

Writer D by Writer D
18/11/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
Supreme Court

Supreme Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें कहा गया था कि स्किन टू स्किन टच के बिना नाबालिग को छूना यौन उत्पीड़न के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता है। जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यौन इच्छा से बच्चे के यौन अंगों को छूना भी पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध है।

कोर्ट ने 30 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान इस मामले के एमिकस क्यूरी सिद्धार्थ दवे ने कहा था कि एक हाथ पकड़कर यौन मंशे से अगर कपड़े खींचे जाते हैं, तो वो भी पॉक्सो एक्ट की धारा 7 के तहत दैहिक संपर्क ही कहा जाएगा। विधायिका ने चार तरह के टच को वर्गीकृत करने के साथ-साथ दैहिक टच पर भी विचार किया है। इसमें ऐसा कुछ नहीं कहा गया है कि स्किन टू स्किन टच धारा 7 का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को पलटने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पॉक्सो अपराधों की श्रेणी में स्किन टू स्किन कांटेक्ट जरूरी करना, दस्ताने पहनकर यौन शोषण करनेवाले को बरी करने के बराबर है।

अटार्नी जनरल ने कहा था कि हाईकोर्ट का फैसला एक खतरनाक और अपमानजनक मिसाल है। उन्होंने सवाल किया था कि क्या कोई व्यक्ति सर्जिकल दस्ताने पहनकर एक बच्चे का यौन शोषण करता है तो उसे बरी कर दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार के वकील राहुल चिटनिस ने अटार्नी जनरल की दलीलों का समर्थन किया था।

ऑफलाइन ही होंगे CBSE, CISCE टर्म 1 एग्जाम, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की याचिका

दरअसल बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने पिछले 19 जनवरी को अपने फैसले में कहा था कि यौन मंशा के साथ स्किन टू स्किन कांटेक्ट होना जरूरी है। हाई कोर्ट ने कहा था कि बिना कपड़े उतारे ऐसा करना सिर्फ गरिमा को ठेस पहुंचाने का मामला है। हाई कोर्ट के इस फैसले को महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 27 जनवरी को हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी।

Tags: delhi newsNational newspocso actSkin to skin touchSupreme Court
Previous Post

ऑफलाइन ही होंगे CBSE, CISCE टर्म 1 एग्जाम, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की याचिका

Next Post

KGMU परिसर में फायरिंग, CCTV खंगाल रही है पुलिस

Writer D

Writer D

Related Posts

cm dhami
राजनीति

नीति घाटी को धामी की बड़ी सौगात, बॉर्डर टूरिज्म और होम स्टे विकास को मिलेगा बढ़ावा

01/06/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

01/06/2026
CM Dhami distributed appointment letters to 276 youth
राजनीति

33 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: सीएम

01/06/2026
Niti Extreme Ultra Run
राजनीति

11 हजार फीट पर दौड़ा ‘फिट इंडिया’, नीति अल्ट्रा रन से सीमांत विकास को नई रफ्तार

01/06/2026
Twisha Sharma Case
Main Slider

Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ के साथ स्पॉट पर पहुंची CBI, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट

01/06/2026
Next Post
KGMU

KGMU परिसर में फायरिंग, CCTV खंगाल रही है पुलिस

यह भी पढ़ें

Police Encounter

चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय गैंगस्टर घायल, गिरफ्तार

22/03/2021
disha pataniदिशा पाटनी

दिशा पाटनी के इंस्टाग्राम पर हुये 40 मिलियन फॉलोअर्स, फैंस को कहा- शुक्रिया

25/09/2020
CM Yogi

शिक्षा है सशक्त और समर्थ राष्ट्र की आधारशिला: सीएम योगी

28/12/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version