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प्रधानमंत्री के विजन और संकल्प पत्र के वादों को साकार करेगा बजट : मुख्यमंत्री

Writer D by Writer D
19/02/2025
in Main Slider, राजनीति, राजस्थान, राष्ट्रीय
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CM Bhajan Lal

CM Bhajan Lal

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और राज्य की जनता से संकल्प पत्र में किये गये वादों के अनुसार राज्य बजट 2025-26 प्रस्तुत किया गया है। राज्य सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में संकल्प पत्र के 58 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिये है। उन्होंने कहा कि सर्वजनहिताय बजट राजस्थान के जन-जन और प्रदेश के कण-कण को समर्पित है। यह बजट राज्य का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री (CM Bhajan Lal) ने बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किये जाने के बाद पत्रकार वार्ता में बताया कि हमारी सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा डॉ. भीम राव अम्बेडकर की विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जुलाई में प्रस्तुत परिवर्तित बजट की 96 प्रतिशत से अधिक घोषणाओं में हमने भूमि आवंटन कर दिया है तथा लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा घोषणाओं से संबंधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। शर्मा ने कहा कि संभवतया ऐसा पहली बार है कि सात माह के अल्प समय में ही बजट घोषणाओं को इतने वृहद स्तर पर धरातल पर उतारा गया है।

उन्होंने (CM Bhajan Lal) कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि देश की चार जातियों युवा, महिला, मजदूर और किसान के उत्थान से ही देश का विकास संभव है और प्रदेश का यह बजट आठ करोड़ राजस्थानियों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर इकोनॉमी में बदलने के लिए कटिबद्ध है।

उन्होंने बजट को जनहित में समर्पित और विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ठोस प्रावधान किए गये हैं, जो राज्य के सम्पूर्ण विकास को सुनिश्चित करेंगे। आगामी वर्ष में 20 लाख घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार कार्य करेगी। नगरीय क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी शुरू किया जाएगा। इसमें 5 हजार 830 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जाएगा।

राज्य का पहला ग्रीन बजट

शर्मा ने कहा कि राजस्थान भी अब ग्रीन बजट पेश करने वाले देश के चुनिंदा राज्य़ों में शामिल हो गया है। सस्टेनेबल ग्रीन प्रणाली को प्रोत्साहित करने, क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने, बायोडायवर्सिटी, वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन एनर्जी, रिसाइक्लिंग आदि को प्रोत्साहित करने के लिए कुल राज्य बजट की 11.34 प्रतिशत राशि का प्रावधान ग्रीन बजट के लिए किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ा कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही 8 हजार रूपए की राशि को बढ़ा कर 9 हजार रूपए प्रति वर्ष करने की घोषणा की गई है। किसानों को गेहूं के एमएसपी पर दिए जा रहे 125 रुपये प्रति क्विंटल के बोनस के स्थान पर अब 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में हमने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की थी, अब इस बजट में इस योजना में बीमित पशुपालकों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। गोशालाओं तथा नंदीशालाओं में प्रति पशु देय अनुदान बढ़ा कर 50 रूपए प्रति दिन किया जाएगा।

युवाओं के लिए राजस्थान रोजगार नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रावधानों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। युवाओं के विकास एवं कल्याण के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लाई जाएगी जिसके अंतर्गत 500 करोड़ रुपये खर्च कर विवेकानंद रोजगार सहायता केंद्र की स्थापना की जाएगी। चार लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने की दिशा में आगामी वर्ष में सवा लाख पदों पर सरकारी भर्तियां की जाएंगी। निजी क्षेत्र में भी आगामी वर्ष में डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।

शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आगामी वर्ष से सप्ताह में 5 दिवस दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, विधवाओं, एकल नारियों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा लघु एवं सीमांत कृषकों की पेंशन को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 1250 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। विमुक्त घुमंतु और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तीकरण एवं उत्थान के लिए दादूदयाल घुमंतु सशक्तीकरण योजना प्रारंभ की जाएगी। राजीविका मिशन के अंतर्गत अब प्रदेश की 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लिया गया है।

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आगामी वर्ष 975 करोड रूपये की इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए हेरिटेज पर्यटन, नाइट टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान भी किये गये है। प्रयागराज महाकुंभ में की गई घोषणा के क्रम में राज्य में तथा राज्य के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों के पुनरूद्धार के कार्य करवाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में जन जन के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के साथ ही आमजन की निशुल्क जांच एवं दवा के लिए 3 हजार 500 करोड़ रूपये का मां कोष गठित किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के विशेष केयर पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के पैकेज, ओरल कैंसर हेतु पैकेज तथा विशेष योग्यजनों के पैकेज इस योजना में जोड़े जाएंगे। ट्रक, बस ड्राइवरों तथा दर्जी, बढ़ई, नाई आदि कारीगरों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्में उपलब्ध करवाने के लिए मां नेत्र वाउचर योजना लागू की जाएगी।

नवगठित जिलों के प्रशासनिक तंत्र को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक जनसुनवाई केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नए बने 8 जिलों में समस्त विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों की स्थापना और यहां आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बजट में किया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के देश की सीमा पर दिए जा रहे योगदान को ध्यान में रखते हुए इन्हें अब प्रदेश में फायर सर्विसेज में भी आरक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक साल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभान्वित परिवारों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर 150 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का भी काम करेगी। इसके अलावा, 50 हजार कृषि कनेक्शन और 5 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।

मजबूत सड़क तंत्र से बनेगा विकसित राजस्थान

शर्मा ने कहा कि राजस्थान में स्टेट हाइवे, बाईपास, रेलवे ओवर ब्रिज एवं अण्डर ब्रिज आदि के निर्माण, विकास और सुधार के लिए 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। राज्य में 2,750 किमी से अधिक लंबे 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 60 हजार करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा, 21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्यो के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जबकि मरूस्थलीय इलाकों में यह राशि 15-15 करोड़ रुपये होगी। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड़ के निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है और आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत जनजातीय उपयोजना क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति की बसावटों के निवासियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से एससी एसटी एवं टीएसपी फंड्स की राशि को बढ़ा कर 1750 करोड़ रुपये किया जाएगा। गुरू गोलवलकर ब्लॉक्स डेवलपमेंट स्कीम लागू कर प्रदेश में सबसे पिछड़े 35 ब्लॉक में विकास को गति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार आगामी 2 वर्षों में शेष रहे 2 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों पर ग्राम सहकारी समिति स्थापना के लिए मापदण्डों में शिथिलता देगी। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सैनिटेशन तथा वेस्ट डिस्पोजल के लिए लगभग 12 हजार 50 करोड़ रुपये की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना लागू की जाएगी।

शर्मा ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है और राजस्थान को एक समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की ओर ले जाएगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Tags: CM Bhajan Lal
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