• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इलेक्ट्रोरल बॉण्ड की बिक्री पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Desk by Desk
26/03/2021
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
सुप्रीम कोर्ट Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्ट्रोरल बॉण्ड की बिक्री पर रोक लगाने संबधी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की याचिका खारिज करते हुए कहा कि इलेक्ट्रोरल बॉण्ड को 2018 एवं 2019 में ही जारी करने की अनुमति दी गयी थी और इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा मानक हैं। ऐसी स्थिति में मौजूदा समय में इलेक्ट्रोरल बॉण्ड पर रोक लगाना न्यायोचित नहीं होगा।

खंडपीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम भी शामिल हैं। न्यायालय ने गत बुधवार को एडीआर की ओर से जाने माने वकील प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

5 सबसे सस्ते 5G स्मार्टफोन, जानिए इसकी कीमत और फीचर्स

श्री भूषण ने दलील दी थी कि यह बॉण्ड एक तरह का दुरुपयोग है। जो शेल कंपनियां कालेधन को सफेद बनाने में इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बॉण्ड कौन खरीद रहा है, यह सिर्फ सरकार को पता होता है। यहां तक कि चुनाव आयोग भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं ले सकता।

श्री भूषण ने कहा था कि यह एक तरह की करेंसी है और सात हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खरीदा जा चुका है। यह सत्ता में बैठे राजनीतिक दल को रिश्वत देने का एक तरीका है।

उन्होंने कहा था कि इसमें फर्जीवाड़े की बड़ी आशंका है। नोटबंदी के बाद यह व्यवस्था सरकार लेकर आयी थी, जिसका उपयोग कालेधन को खपाने में किया जा रहा है। सरकार के इस कदम का काफी विरोध हुआ है।

Tags: assembly electionElection fundingelectoral bondsnationalNational News national newsNEWSSupreme Courtइलेक्‍टोरल बॉन्‍डचुनावी चंदाचुनावी बॉन्‍डविधानसभा चुनावसुप्रीम कोर्ट
Previous Post

5 सबसे सस्ते 5G स्मार्टफोन, जानिए इसकी कीमत और फीचर्स

Next Post

बंपर डिस्काउंट के साथ मिल रहा ये स्मार्टफोन! चेक करें पूरी लिस्ट

Desk

Desk

Related Posts

cm dhami
राजनीति

नीति घाटी को धामी की बड़ी सौगात, बॉर्डर टूरिज्म और होम स्टे विकास को मिलेगा बढ़ावा

01/06/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

01/06/2026
CM Dhami distributed appointment letters to 276 youth
राजनीति

33 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: सीएम

01/06/2026
Niti Extreme Ultra Run
राजनीति

11 हजार फीट पर दौड़ा ‘फिट इंडिया’, नीति अल्ट्रा रन से सीमांत विकास को नई रफ्तार

01/06/2026
Twisha Sharma Case
Main Slider

Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ के साथ स्पॉट पर पहुंची CBI, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट

01/06/2026
Next Post
Smartphones

बंपर डिस्काउंट के साथ मिल रहा ये स्मार्टफोन! चेक करें पूरी लिस्ट

यह भी पढ़ें

yoga

सुबह उठ कर जरूर करें ये योगासन, सेहत के लिए होंगे फायदेमंद

25/08/2021
Samajawadi Party

सपा के पूर्व मंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला

15/12/2020
Railway

रेलवे में इस पद पर निकली बंपर भर्ती, मिलेगी इतनी सैलरी

31/10/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version