Main Sliderउत्तर प्रदेशराजनीतिसहारनपुर

CM योगी ने किया खुलासा, इस वजह से नहीं लगाया पूर्ण लॉकडाउन

कोरोना की दूसरी लहर के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी। सूबे के मुख्यमंत्री खुद ग्राउंड में उतर कर हालातों की समीक्षा कर रहे है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9 दिन के भीतर अपने छठे दौरे में मुजफ्फरनगर में कोविड-19 कमांड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद सहारनपुर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन न लगाने की वजह का खुलासा किया। कहा, भीड़ भी न हो और भुखमरी की भी समस्या न आए, इसलिए कोरोना कर्फ्यू यानी आंशिक लॉकडाउन लगाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कोविड कमांड सेंटर में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों से कहा कि कोविड सेंटर में अधिकतर होम आइसोलेशन के मरीजों और उनके परिजनों के फोन आते हैं। इसलिए होम आइसोलेशन के मरीजों का ख्याल अधिक रखा जाए। यदि किसी को घर पर ऑक्सीजन की जरुरत पड़ रही है तो उसे तत्काल मुहैया कराई जाए। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अहम बातें…

यूपी में कोरोना के एक्टिव केस कम हुए हैं। 5 मई से गांवों में स्क्रीनिंग हो रही है। मेडिकल सुविधा, होम आइसोलेशन से इलाज दिया जा रहा है। यूपी मॉडल को WHO ने सराहा है। अन्य राज्य भी अब यूपी का अनुसरण कर रहे हैं।

प्रदेश ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर बन रहा है। 300 प्लांट यूपी में लगने की तैयारी हो रही है। सहारनपुर में 11 और मुजफ्फरनगर में 6 प्लांट लगेंगे। एक करोड़ लोगों को यूपी में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। 18 से 44 साल के लोगों को प्रदेश सरकार वैक्सीन लगवा रही है।

यूपी का पहला ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर नोएडा में शुरू, कार में बैठे-बैठे लगेगा टीका

आवश्यक सेवाएं चालू हैं। उद्योग धंधे और कारोबार चल रहे हैं। हमारा मकसद है कि भीड़ भी न हो और भुखमरी की समस्या भी न आए। कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की गई है। निशुल्क खाद्यान्न का वितरण हो रहा है।

तीसरे फेज की तैयारी शुरू है। बच्चों के लिए ICU का निर्माण हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड, जिला अस्पताल में 25 बेड का ICU बन रहा है। पोस्ट कोविड इंफेक्शन हमारी चिंता है। इसके लिए अलग से अस्पताल चिन्हित होंगे।

GST असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ला ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें लोग

केंद सरकार की ओर से सभी लोगो को 5 किलो प्रति यूनिट की व्यवस्था 20 मई से शुरू की है। मजदूरों को 1 हजार रुपए का भरण पोषण भत्ता जून से मिलना शुरू होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें और जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें।

Related Articles

Back to top button