• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

17 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

Writer D by Writer D
16/11/2024
in Main Slider, उत्तराखंड, धर्म, राष्ट्रीय
0
Badrinath Dham

Badrinath Dham

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोपेश्वर। उत्तराखंड स्थित बाबा बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट बंद होने वाले हैं। रविवार, 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले 16 नवंबर को वैदिक परंपरा के तहत पंज पूजा के चौथे दिन मां लक्ष्मी की पूजा होगी। उन्हें कढ़ाई के प्रसाद का भोग लगाया जाएगा। फिर देवी लक्ष्मी से बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होने की प्रार्थना की जाएगी।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने कपाट बंद होने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा, ‘बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी स्त्री भेष धारण कर माता लक्ष्मी को श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करेंगे। इससे कुछ समय पहले उद्धव और कुबेर जी की प्रतिमाएं परिसर में आ जाएंगी।’

’17 नवंबर को रात सवा 8 बजे कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। रात 9 बजकर 07 मिनट पर घृत कंबल ओढ़ाने के बाद निर्धारित समय पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 18 नवंबर की सुबह योग बदरी पांडुकेश्वर को प्रस्थान करेंगे।’

कपाट बंद करने की प्रक्रिया

श्री बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट बंद होने के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि 17 नवंबर को ब्रह्म मुहुर्त में सुबह 4 बजे मंदिर खुलेगा। रोज की तरह साढ़े चार बजे से अभिषेक पूजा होगी और दिन का भोग लगेगा। मंदिर में दर्शन भी होते रहेंगे और दिन में मंदिर बंद नहीं रहेगा।

17 नवंबर को शाम 6 बजकर 45 मिनट पर कपाट बंद करने की पूजा शुरू होगी। करीब एक घंटे बाद यानी 7 बजकर 45 मिनट पर मंदिर के मुख्य पुजारी माता लक्ष्मी जी को मंदिर परिसर में प्रवेश कराएंगे। रात 8 बजकर 10 मिनट पर शयन आरती होगी और इसके बाद कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम: एके शर्मा

रात 9 बजे तक भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल की ओर से तैयार किया गया घृत कंबल ओढ़ाया जाएगा। इसके बाद ठीक 9 बजकर 07 मिनट पर शुभ मुहूर्त में भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

Tags: badrinath dhamNational newsUttarakhand News
Previous Post

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम: एके शर्मा

Next Post

हम बंटे थे, इसलिए 1947 में 10 लाख से अधिक हिंदुओं को कटना पड़ा थाः योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Dandruff
फैशन/शैली

सर्दियों में डैंड्रफ में इन देसी नुस्खों से मिलेगी राहत

12/12/2025
Saphala Ekadashi
धर्म

सफला एकादशी के दिन न करें ये काम, बिगड़ जाएंगे बनते कार्य

12/12/2025
House
धर्म

नए साल में चाहते हैं शुभ शुरुआत, तो घर से निकाल फेंके ये चीजें

12/12/2025
Plants
Main Slider

घर में लगाएं ये चमत्कारी पौधे, मां लक्ष्मी का होगा आगमन

12/12/2025
Gemstones
Main Slider

किस्मत बदल देंगे ये रत्न, धारण करते ही बनने लगेंगे सभी काम

12/12/2025
Next Post
CM Yogi

हम बंटे थे, इसलिए 1947 में 10 लाख से अधिक हिंदुओं को कटना पड़ा थाः योगी

यह भी पढ़ें

pm modi meeting

पीएम मोदी की हाईलेवेल मीटिंग, गांवों में टेस्टिंग बढ़ाने के दिये निर्देश

15/05/2021
CM Yogi

घोसी में सीएम योगी की दहाड़, बोले- दंगाबाजों के खिलाफ लड़ने के लिए ही गोरखपुर से चला था

02/09/2023

सिद्धार्थ विश्विद्यालय में “मिशन शक्ति” कार्यक्रम आयोजित

15/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version