• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

24 घंटे हो रहा है इस शहर में अंतिम संस्कार, पिघल गईं श्मशान की भट्टियां

Writer D by Writer D
12/04/2021
in Main Slider, गुजरात, राष्ट्रीय
0
cremation furnaces melted

cremation furnaces melted

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गुजरात में कोरोना के कहर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए चिता की भट्टी भी पिघल गई हैं।

शहर में तीन प्रमुख श्मशान गृह हैं- रामनाथ घेला, अश्वनीकुमार और जहांगीरपुरा श्मशान। इन तीनों स्थानों पर 24 घंटे शवों की अंतिम क्रिया की जा रही है। इस वजह से अब श्मशान भूमि में बनी चित्ता की भट्टी पिघल गई हैं। पिछले 8-10 दिनों से लगातार लाशें आ रही हैं। शव वाहिनी भी खाली नहीं होती है। ऐसे में कई बार लोग प्राइवेट वाहनों में भी लाश लेकर अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं।

पूरे जिले के श्मशान घाटों पर लाशों के अंबार लग गए हैं। दाह-संस्कार के लिए कई आधुनिक तौर तरीके अपनाने पड़ रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि चौबीसों घंटे श्मशान स्थल पर दाह संस्कार करने वाली गैस की भट्टियां चालू रहती हैं। इस वजह से भट्टी की ग्रिल तक पिघल गई हैं। सूरत के सभी तीन श्मशान गृह गैस भट्टी की ग्रील पिघल गई है।

जनता कर्फ्यू, लॉकडाउन से लेकर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना

सूरत के रामनाथ घेला श्मशान घाट में सब से ज्यादा लाश पहुंच रही हैं। ऐसे में श्मशान के प्रमुख हरीशभाई उमरीगर का कहना है कि प्रत्येक दिन 100 लाशें अंतिम संस्कार के लिए आ रही हैं। इस वजह से 24 घंटे गैस भट्टी चलती रहती है। वो बंद ही नहीं हो पाती है। गरम रहने की वजह से गैस भट्टियों पर लगी एंगल भी पिघल गई हैं।

अश्विनी कुमार श्मशान में वर्तमान में दो भट्टियां काम नहीं कर रही हैं। उनकी भी फ्रेम लगातार जलती रहती है। इस वजह से वो पिघलने लगती हैं।

सूरत में हालत यह है कि श्माशान गृह 24 घंटे काम कर रहे हैं, बावजूद इसके लोगों को 8 से 10 घंटे का वेटिंग करना पड़ रहा है। उसके बाद ही वो अपने लोगों का दाह संस्कार कर पा रहे हैं। यहां तक की कई श्मशान गृह से अब लोग चिठ्ठी लेकर चले जाते हैं और वक्त आने पर दाह संस्कार करने लौटते हैं।

Tags: cremation furnaces meltedgujrat newsNational news
Previous Post

IPL 2021: राजस्थान ने टॉस जीता, पंजाब को दी बल्लेबाजी

Next Post

UPPCS 2020 का रिजल्ट हुआ जारी, इस वेबसाइट पर करें चेक

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

महाराज जी का जीवन आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा और लोककल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक: CM धामी

21/09/2026
CM Dhami
Main Slider

जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सीएम धामी का सख्त एक्शन, छह इंजीनियर निलंबित

21/09/2026
Main Slider

जनसमस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री धामी

21/09/2026
उत्तराखंड

धामी ने मातृशक्ति के स्थानीय उत्पादों की सराहना की, ‘हाउस ऑफ हिमालया’ का किया जिक्र

21/09/2026
Main Slider

यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन

21/09/2026
Next Post
Uttarakhand PCS

UPPCS 2020 का रिजल्ट हुआ जारी, इस वेबसाइट पर करें चेक

यह भी पढ़ें

ChatGPT में आया Group Chat फीचर, अब दोस्तों और ऑफिस टीम संग एक ही चैट में करें प्लानिंग

ChatGPT में आया जबरदस्त फीचर, जानें कैसे करेगा वर्क

19/11/2025
Lucknow High court

‘दुष्कर्म पीड़िता के मुकरने पर वापस होगा मुआवजा’, हाईकोर्ट का अहम फैसला

15/04/2023
Kukrail River

एक्शन में सीएम योगी : साबरमती रिवर फ्रंट जैसा मनोरम होगा कुकरैल रिवर फ्रंट

27/06/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version