• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अखिलेश के करहल से एमएलए रहने के निकाले जाने लगे है निहितार्थ

Writer D by Writer D
22/03/2022
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Akhilesh

Akhilesh

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इटावा/ मैनपुरी। लोकसभा में आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के बजाय मैनपुरी के करहल से विधायक बने रहने के समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के फैसले के निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं।

कहा जा रहा है कि अखिलेश (Akhilesh Yadav) उत्तर प्रदेश में एमएलए (MLA) रह करके योगी सरकार को घेरने के साथ साथ पार्टी को मजबूती देने की दिशा में काम करने में जुटेंगे तो सपा को खासा फायदा पहुंचेगा।

2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद समाजवादी पार्टी ने राम गोविंद चौधरी को नेता प्रतिपक्ष बनाया था। अब अखिलेश यादव खुद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन सकते हैं। इसके जरिए वह आसानी से भाजपा की सरकार को घेर सकते हैं। दूसरी ओर अखिलेश के साथ रामपुर की सांसदी छोड़ने वाले आजम खान जैसे नौ बार विधायक रहे नेता अगर विधानसभा में मौजूद रहते हैं तो उनके अनुभव का भी सपा को फायदा होगा।

सपा एमएलसी और करहल में प्रमुख नेताओं में सुमार अरविंद प्रताप सिंह यादव कहते है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एमएलए रहने के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने में खासा फायदा पहुंचेगा। राज्य की योगी सरकार की नीतियों पर सवाल उठा कर पार्टी को मजबूती मिलेगी। अखिलेश के उत्तर प्रदेश की राजनीति करने से 2024 संसदीय चुनाव में पार्टी को खासा फायदा मिलने की उम्मीद भी बनेगी ।

जनता को भाजपा सरकार ने दिया महंगाई का एक और उपहार : अखिलेश यादव

अखिलेश के करहल विधानसभा सीट से निर्वाचित होने के बाद कयास लगाये जाने लगे थे कि सपा अध्यक्ष प्रदेश की राजनीति करेंगे या फिर केंद्र की । जाहिर है कि इसके लिए उन्हें एमपी एमएलए किसी एक सीट से त्यागपत्र देना जरूर था और आज वह भी वही जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजमगढ़ संसदीय सीट से इस्तीफा देने का निर्णय करते हुए अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जाकर सौप दिया ।

होली के मौके पर अखिलेश यादव जब अपने पैतृक गांव सैफई आए थे । उस समय उन्होंने करहल विधानसभा सीट से जुड़े जुड़े हुए सेक्टर प्रभारी जिला पंचायत सदस्य, बूथ प्रभारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सैफई में ली थी जहां पर सभी ने एकजुट होकर के उनसे करहल विधानसभा सीट को बरकरार रखने की अपील की थी। अखिलेश ने हालांकि इस बैठक में कोई निर्णय नहीं सुनाया था लेकिन यह जरूर कहा था कि कोई भी निर्णय पार्टी हाईकमान के स्तर पर तय किया जाएगा इसी बीच सोमवार को अखिलेश यादव ने आजमगढ़ का भी दौरा किया। जाहिर है अखिलेश यादव ने अपने करीबियों को इस बात के लिए मना लिया होगा कि वे अब आजमगढ़ के सांसद के बजाय करहल विधानसभा क्षेत्र से एमएलए रहना चाहते हैं । इसलिए त्वरित ढंग से ठीक दूसरे दिन ही मंगलवार को अखिलेश यादव ने अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जा करके सौंप दिया है।

अखिलेश यादव ने लोकसभा सीट से दिया इस्तीफा, विधानसभा में बनेंगे विपक्ष के नेता

बतौर सांसद अखिलेश यादातर समय दिल्ली में गुजारते थे। इसके चलते उनपर यूपी से दूरी बनाने का कई बार आरोप भी लगता रहा है। इस बार मिली हार के बाद अखिलेश ने अपनी रणनीति बदली है। अब वह दिल्ली की राजनीति करने की बजाय यूपी की राजनीति पर ही फोकस करना चाहते हैं।

अखिलेश यादव अभी तक आजमगढ़ से लोकसभा के सदस्य थे। अब उनके इस्तीफे के बाद यहां उप-चुनाव होंगे। अखिलेश को भरोसा है कि यह सीट दोबारा समाजवादी पार्टी जीत लेगी। उनका यह भरोसा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम को देखते हुए बना है। सपा ने आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की है।

लोकसभा से इस्तीफा देने से साफ है कि अब 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं। यूपी में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें हैं। अखिलेश अब कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। यही कारण है कि अब उनका फोकस सिर्फ और सिर्फ यूपी पर रहेगा।

2017 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव वापस दिल्ली की राजनीति में कूद पड़े थे। इसके चलते यूपी में विपक्ष काफी कमजोर हो गया था। इसका नतीजा था कि 2019 और फिर 2022 में भाजपा के आगे विपक्ष पस्त हो गया। अब अखिलेश अपनी पुरानी गलती नहीं दोहराना चाहते हैं।

1999 में पहली दफा कन्नौज से सांसद निर्वाचित होने के बाद अखिलेश यादव ज्यादातर दिल्ली की राजनीति में ही केंद्रित रहे हैं लेकिन 2022 विधानसभा के चुनाव में उन्होंने पहली दफा उतरने का फैसला लिया । जिसके तहत अखिलेश यादव मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से उतरे और जीत हासिल की।

अभी तक अखिलेश यादव संसदीय राजनीति को केंद्र बिंदु बनाए हुए थे लेकिन अब देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रतिनिधि बनकर के भारतीय जनता पार्टी को घेरना का बड़ा मौका अखिलेश यादव के हाथ लग गया है, आने वाले दिनों में अखिलेश यादव सड़को पर संघर्ष कर सपा को पुराने दौर में लाने में अपने को खपायेंगे।

Tags: akhilesh yadavkarhalLucknow News
Previous Post

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से 25 फीट नीचे गिरी रोडवेज बस, एक की मौत, 22 घायल

Next Post

Russia-Ukraine War: जेलेंस्की ने पोप से मांगी मदद

Writer D

Writer D

Related Posts

EV Charging
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

26/08/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, आवंटन रद्द कर वापस ली सारी भूमि

26/08/2026
1070 helpline issued to help citizens of Uttar Pradesh stranded in Nepal
Main Slider

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
UP becomes the state with the youngest bus fleet in the country.
उत्तर प्रदेश

देश की सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश

26/08/2026
CM Yogi
Main Slider

स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को स्कूटी अक्टूबर-नवंबर में: मुख्यमंत्री

26/08/2026
Next Post
Zelensky

Russia-Ukraine War: जेलेंस्की ने पोप से मांगी मदद

यह भी पढ़ें

Corona

कोरोना ने लखनऊ में दी दस्तक, पहला केस मिलने बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

27/05/2025
डोनाल्ड ट्रम्प Donald Trump

हमारे पास हैं राष्ट्रपति चुनाव जीतने के पर्याप्त सबूत: डोनाल्ड ट्रम्प

26/11/2020
St. Academy School

सेंट अकादमी स्कूल की दोमंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा गिरा, 22 छात्रों की मौत

13/07/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version