चंडीगढ़। भाखड़ा डैम में दरार आने का मुद्दा आज पंजाब विधानसभा में उठा। जिस पर सरकार की तरफ से सिंचाई मंत्री बरिंदर गोयल ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि डैम 15 बार झुका है, लेकिन टूटने का खतरा नहीं है।
विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भाखड़ा डैम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डैम में लंबे समय से डीसिल्टिंग (तलछट हटाने) का काम नहीं हो रहा है। उनके अनुसार इसी वजह से डैम में टिल्ट (झुकाव) आने संबंधी रिपोर्ट सामने आई है, जो चिंता का विषय है। इस दिशा में गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन राज्यों को भाखड़ा डैम से पानी और बिजली मिल रही है, उन्हें भी इसके रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा करनी चाहिए।
सिंचाई मंत्री बरिंदर गोयल ने भाखड़ा डैम को लेकर उठी चिंताओं पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले एक चैनल ने यह खबर चला दी थी कि भाखड़ा डैम झुक गया है, जिससे लोगों में चिंता फैल गई थी। भाखड़ा दुनिया के सबसे बेहतर इंजीनियरिंग वाले डैमों में से एक है। अमेरिका और कनाडा की विशेषज्ञ टीमें भी इसका दौरा कर इसकी गुणवत्ता की सराहना कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 1995 से 2025 के बीच डैम में 15 बार टिल्ट (झुकाव) दर्ज हुआ, लेकिन यह इसकी इंजीनियरिंग डिजाइन का हिस्सा है। जब जलस्तर कम होता है तो डैम फिर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाता है। 2025 में भी ऐसा ही हुआ था।
बरिंदर गोयल ने कहा कि डैम की दीवार से करीब 12 किलोमीटर दूर सिल्ट जमा है। सिल्ट हटाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और बीबीएमबी की है। यदि सिल्ट हटाई जाए तो जलाशय (रिजर्वायर) की क्षमता बढ़ेगी और अधिक पानी संग्रहित किया जा सकेगा।









