• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

घर बनवाते समय नहीं होगी पैसों की कमी, इन बातों का रखें ध्यान

Writer D by Writer D
25/01/2022
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
building a house

building a house

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

घर के निर्माण का कार्य शुरू कराने से पहले भूमि पूजन और नींव पूजन किया जाता है। जब भूमि पूजन हो जाए तब सबसे पहले उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में नल और भूमिगत टैंक का काम पूरा करना चाहिए। इसके बाद इसी नल के पानी से घर के निर्माण का काम शुरू करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से घर के निर्माण कार्य के दौरान कभी पैसों की कमी नहीं होती है।

भवन निर्माण में प्रयुक्त होनेवाली सामग्री जैसे, सीमेंट, ईंट, पत्थर, लोहा, टाइल्स आदि चीजें भूखंड के दक्षिण-पश्चिम या नैऋत्य भाग में रखें। उत्तर-पूर्व या ईशान कोण का प्रयोग इस काम के लिए कभी न करें।

नींव खोदना हमेशा प्लॉट के ईशान कोण (उत्तर और पूर्व का कोना) से शुरू करना चाहिए। ईशान कोण से शुरू करके वायव्य कोण यानी उत्तर और पश्चिम के कोने तक जाना चाहिए। दूसरी तरफ ईशान से अग्नेय कोण यानी पूर्व और दक्षिण के कोने तक नींव खोदनी चाहिए। अंत में अग्नेय कोण से खुदाई शुरू कर नैऋत्य पर खत्म करें।

नींव की भराई का काम नैऋत्य कोण (दक्षिण पश्चिम का कोना) से शुरू करें और फिर अग्नेय कोण तक ले जाएं। इसके बाद वायव्य कोण से भराई का काम शुरू करें और नैऋत्य कोण तक ले जाएं। इसके बाद अग्नेय कोण से ईशान की तरफ ले जाएं और फिर अंत में वायव्य कोण से ईशान की तरफ नींव की भराई का काम करें।

भवन की दीवारों का निर्माण कार्य भी नींव के निर्माण के क्रम में ही करना चाहिए। जब शाम के समय चुनाई का काम बंद होने को हो तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उत्तर और पूर्व दिशा की दीवारें कभी भी दक्षिण-पश्चिम की दीवारों से ऊंची ना हो।

भवन का निर्माण कार्य कराते समय ईशान कोण को हमेशा गहरा या नीचा रखना चाहिए और नैऋत्य कोण यानी दक्षिण और पश्चिम का कोना हमेशा बाकी कोनों से ऊंचा होना चाहिए।

Tags: tips for building homeVastu Tips
Previous Post

इस पौधे को घर लाते ही चुंबक क तरह खींचा चला आता है पैसा

Next Post

सही आहार और व्यायाम के साथ कोलेस्ट्रॉल ऐसे कर सकते हैं कम

Writer D

Writer D

Related Posts

Buttermilk
फैशन/शैली

गर्मियों में करें छाछ का सेवन, सेहत के लिए होता है फायदेमंद

28/05/2026
Bread Halwa
खाना-खजाना

मीठे में बनाएं ब्रेड का हलवा, बदल जाएगा मुंह का जायका

28/05/2026
reuse of old cups
फैशन/शैली

घर बनेगा और भी अट्रैक्टिव, पुरानी चीजों का ऐसे करें इस्तेमाल

28/05/2026
Hairstyles
फैशन/शैली

हर ड्रेस के साथ जंचेंगे ये खूबसूरत हेयरस्टाइल

28/05/2026
firing on property dealer
Main Slider

लखनऊ में बेखौफ बदमाशों का आतंक, दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर पर ताबड़तोड़ फायरिंग

27/05/2026
Next Post
healthy diet

सही आहार और व्यायाम के साथ कोलेस्ट्रॉल ऐसे कर सकते हैं कम

यह भी पढ़ें

Ram

सर्दी में रामलला खाएंगे रबड़ी, सुबह लगेगा पंचमेवा का भोग

12/11/2022
Agra Nagar Nigam

आगरा नगर निगम का म्युनिसिपल बॉन्ड 3.5 गुना ओवरसब्सक्राइब, निवेशकों से मिला जबरदस्त समर्थन

11/04/2025
rajnath

कश्मीर से आतंकवाद का जल्द हो जाएगा खात्मा : राजनाथ

30/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version