• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शनि देव के प्रकोप से बचाएंगी से खास चीजें, दूर होगा कष्ट

Writer D by Writer D
16/12/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shani Jayanti

Shani Dev

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

शनि देव (Shani Dev) कर्मों के हिसाब से मनुष्य को उसका फल देते हैं। मान्यता है कि एक बार शनि की टेढ़ी नजर किसी व्यक्ति पर पड़ गई तो उसका जीवन का सर्वनाश हो जाता है। हालांकि एक बार न्याय देव प्रसन्न हो गए तो इंसान का जीवन खुशहाल हो जाता है। आज हम आपको 5 ऐसी चमत्कारी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनके प्रयोग से आप शनैश्चर को खुश कर सकते हैं।

पीपल का वृक्ष

पीपल के वृक्ष को शनि (Shani Dev) का प्रतीक माना गया है। अगर संतान होने में बाधा आ रही है तो पीपल का पौधा लगाना चाहिए। हर शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 21 बार परिक्रमा करें।

घोड़े की नाल

घोड़े की नाल सरसों के तेल से धो लें। शनिवार की शाम को घर के मेन गेट पर लगा दें। ऐसा करने से घर के लोगों पर शनिदेव (Shani Dev) की कृपा बनी रहेगी। परिवार में क्लेश नहीं होगा। हालांकि ध्यान रखें कि नाल वहीं लगाएं जो घोड़े के पैर में पहले लग चुकी हो। खरीदी हुई नाल का प्रभाव नहीं होगा।

काला तिल

यदि शनि देव (Shani Dev) आर्थिक परेशानी दे रहे हैं और जीवन में धन का अभाव हो रहा है। ऐसे में काले तिल का इस्तेमाल करें। शनिवार को काला तिल किसी जरूरमंद को दान करें। कम से कम सात शनिवार तक दान करें।

सरसों का तेल

अगर जीवन में लगातार हर कार्यों में असफलता हाथ लग रही है तो सरसों के तेल का प्रयोग करें। शनिवार को लोहे के बर्तन में सरसों का तेल लें। उसमें एक रुपए का सिक्का डालें। तेल में अपना चेहरा देखकर शनि देव (Shani Dev) को चढ़ा दें। या पीपल के पेड़ के नीचे रखें।

लोहे का छल्ला

शनि की पीड़ा समाप्त करने के लिए लोहे का छल्ला धारण करें। अगर छल्ला घोड़े की नाल या नाव की कील से बना हो तो अत्यधिक लाभकारी होते है। शनिवार को सरसों के तेल में छल्ला रख दें। फिर पानी से धोकर दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में पहन लें।

Tags: Shani Dev chalisashani dev effectshani dev ka vratshani dev ke mantrashani dev ke totke
Previous Post

मां की हत्या को अंजाम देने वाला बेटा गिरफ्तार

Next Post

गुरु पुष्य नक्षत्र पर करें इन मंत्रों का जाप, हर मनोकामना होगी पूरी

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

हल्द्वानी में व्यापारियों से बोले CM धामी- “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”

29/08/2026
CM Yogi conducted an aerial inspection of flood-affected villages in Ballia.
Main Slider

50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री योगी

29/08/2026
CM Dhami laid the foundation stone of Uttarakhand's first sports university.
Main Slider

उत्तराखंड के पहले क्रीड़ा विश्वविद्यालय का मुख्यमंत्री धामी ने किया शिलान्यास

29/08/2026
CM Dhami
Main Slider

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार: मुख्यमंत्री धामी

29/08/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री

29/08/2026
Next Post
Guru Pushya Yoga

गुरु पुष्य नक्षत्र पर करें इन मंत्रों का जाप, हर मनोकामना होगी पूरी

यह भी पढ़ें

PM मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

09/08/2021
CM Yogi

सराहनीय है आउटसोर्सिंग कार्मिकों की सेवाभावना और कर्त्तव्यपरायणता: मुख्यमंत्री

25/04/2025
Allahabad High Court

‘प्रेम प्रसंग में बने संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता’, इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

20/09/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version