• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यूपी में पर्यटन से बढ़ा कारोबार, GST के 51 कैटेगरी से होगा आर्थिक असर का आकलन

Writer D by Writer D
29/09/2026
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पर्यटन सिर्फ पर्यटकों की संख्या और होटल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर रेस्टोरेंट, कैफे, वाहन किराये और दूसरी सेवाओं के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार ने GST के तहत 51 सर्विस कैटेगरी के आंकड़ों के जरिए पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों का आकलन शुरू किया है। शुरुआती समीक्षा में रेस्टोरेंट और कैफे में दर्ज कारोबार में खासा विस्तार सामने आया है। मंगलवार को पर्यटन भवन में हुई समीक्षा बैठक में इन आंकड़ों के साथ पर्यटन के ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य में योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात मौजूद रहे। बैठक में डेलॉयट टीम की ओर से प्रस्तुत विश्लेषण पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार पर्यटकों की गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी कई प्रमुख सेवाओं में दर्ज कारोबार के बीच सकारात्मक संबंध सामने आया है। इसके लिए GST में इस्तेमाल होने वाले 51 सर्विस अकाउंटिंग कोड को आधार बनाया गया है, जिनमें पर्यटन से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान आवास, फूड सर्विस और वाहन किराये से जुड़ी श्रेणियों में दर्ज कारोबार की समीक्षा में रेस्टोरेंट और कैफे सबसे बड़ा कारोबार वर्ग बनकर सामने आया। इसमें GST के तहत दर्ज कारोबारी गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें पर्यटकों के साथ स्थानीय ग्राहकों से होने वाली बिक्री भी शामिल रहती है। इसी के साथ होटल निर्माण में भी तेजी दर्ज की गई है।

होटल बिल्डिंग प्लान की मंजूरी 2023-24 में 205 से बढ़कर 2024-25 में 299 और 2025-26 में 421 हो गई। वर्ष 2023 से 7 सितंबर 2026 तक होटल, बजट आवास, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन कारोबारों से जुड़े करीब 44,240 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। बैठक में पर्यटन स्थलों के आकलन को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने लखनऊ में पर्यटक किन-किन स्थलों पर पहुंच रहे हैं, इसका ज्यादा करीब से अध्ययन करने की जरूरत बताई। जनवरी से जून 2026 के आंकड़ों में विदेशी पर्यटकों के लिहाज से आगरा और लखनऊ प्रमुख गंतव्यों के रूप में सामने आए। उन्होंने सभी जिलों में सड़क और हाईवे कनेक्टिविटी में हुए सुधार को भी दर्ज करने और यह देखने पर जोर दिया कि बेहतर संपर्क व्यवस्था पर्यटन को किस तरह प्रभावित कर रही है।

बाबा नीब करौरी सर्किट और कालिंजर किले को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। इनके प्रचार में स्थानीय इतिहास और कहानियों को सामने लाने, स्पष्ट रूट जानकारी देने और पहले से लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के साथ इन्हें जोड़ने की रणनीति पर विचार किया गया। वहीं चित्रकूट के आकलन में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर अनुभव को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में AI आधारित विजिटर काउंटिंग सिस्टम में हो रही देरी पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि सिस्टम को 15 नवंबर तक हर हाल में लागू किया जाए, ताकि दिसंबर से पर्यटकों की गिनती शुरू हो सके।

उन्होंने अधिकारियों से खास तौर पर नाइट विजन कैमरों को प्राथमिकता देने को कहा। पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसले तय समयसीमा में जमीन पर दिखने चाहिए और विजिटर काउंटिंग सिस्टम को शुरू करने में अब किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि यूनिक विजिटर की गिनती के लिए जरूरी मानक तय करने का फ्रेमवर्क और खरीद से जुड़ा दस्तावेज तैयार कर लिया गया है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने जिला स्तर पर पर्यटकों की गतिविधियों का आकलन करने के लिए कैमरों की कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी जिले के केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल को आधार बनाकर पर्यटन की तस्वीर नहीं समझी जा सकती। इसके लिए अलग-अलग तरह के पर्यटक आकर्षण वाले कम से कम चार स्थलों को आकलन में शामिल किया जाए। इसी क्रम में मिर्जापुर के विंध्याचल क्षेत्र के विंढम फॉल्स, नैमिषारण्य क्षेत्र के ललिता देवी मंदिर और दधीचि कुंड जैसे स्थलों को भी शामिल करने का सुझाव दिया गया, ताकि धार्मिक स्थलों के साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की तस्वीर भी सामने आ सके।

*दीपोत्सव 2026 में दिखेगी अयोध्या की बढ़ती पर्यटन अर्थव्यवस्था की तस्वीर*

अयोध्या की बढ़ती पर्यटन गतिविधियों और उसके आर्थिक असर को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। मार्च से जून 2026 के गर्मी की छुट्टियों वाले महीनों में अयोध्या में पर्यटकों की आवाजाही पिछले चार वर्षों की समान अवधि की तुलना में करीब 535 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने अधिकारियों से इस बढ़ोतरी के कारण शहर में पैदा हो रही कारोबारी गतिविधियों और आर्थिक अवसरों का आकलन करने को कहा।

उन्होंने कहा अयोध्या में बढ़ते पर्यटन को केवल पर्यटकों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि इससे पैदा होने वाले रोजगार, कारोबार और स्थानीय आर्थिक अवसरों के आधार पर भी समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव 2026 नए आकर्षण, बेहतर हॉस्पिटैलिटी और सांस्कृतिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का अवसर है। उन्होंने इस दिशा में नए कार्यक्रम और आकर्षण विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि दीपोत्सव के दौरान उद्घाटन के लिए तैयार नए होटलों की पहचान कर उन्हें इसी आयोजन के दौरान शुरू कराया जाए। इससे अयोध्या में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुरूप ठहरने की सुविधाओं का विस्तार होगा।

अधिकारियों ने बताया कि दीपोत्सव के आकर्षणों में लाइव एक्रोबैटिक प्रस्तुतियां भी शामिल करने की योजना है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने भजन संध्या स्थल का अधिक प्रभावी उपयोग करने का सुझाव देते हुए वहां रामलीला के आयोजन की बात कही। इससे एक ओर उपलब्ध स्थल का बेहतर इस्तेमाल होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का मंच भी मिलेगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दीपोत्सव के नए आकर्षणों के जरिए आयोजन को व्यापक बनाया जाए और इसका लाभ अयोध्या की हॉस्पिटैलिटी तथा स्थानीय कारोबार को भी मिले।

Tags: Lucknow News
Previous Post

UPITS 2026: यूपी पुलिस के स्टॉल ने लगातार तीसरी बार जीता बेस्ट डिस्प्ले अवार्ड, आधुनिक तकनीक बनी आकर्षण

Next Post

UPITS 2026: ₹6,500 करोड़ के 4,400 MoU, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार के साथ संपन्न हुआ ट्रेड शो

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

UPITS-2026 का समापन, UPSDM को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

29/09/2026
Mahant Avaidyanath
उत्तर प्रदेश

12वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में होगी श्रद्धांजलि सभा

29/09/2026
उत्तर प्रदेश

UPITS-2026 : मत्स्य विभाग को प्राप्त हुए 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

29/09/2026
divyangjan
Main Slider

बढ़ेगी दिव्यांगजन की जीवन सुगमता, सीएम योगी करेंगे उपकरण वितरण

29/09/2026
उत्तर प्रदेश

भारत का मूल धर्म है सनातन, इसके बिना राष्ट्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती: मुख्यमंत्री

29/09/2026
Next Post

UPITS 2026: ₹6,500 करोड़ के 4,400 MoU, ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार के साथ संपन्न हुआ ट्रेड शो

यह भी पढ़ें

Dead Body

दुष्कर्म के आरोपी ने हवालात में लगाई फांसी

24/05/2023

इस साल शेखर सुमन नहीं मनाएंगे आपना जन्मदिन, जानिए क्या है वजह

05/12/2020
CM Bhajanlal Sharma

कांग्रेस ने रामलला को बताया था काल्पनिक: सीएम शर्मा

11/04/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version