• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तर्पण करते समय पितरों को अंगूठे से अर्पित किया जाता है जल, जानें वजह

Writer D by Writer D
10/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Water is offered to ancestors using the thumb

Water is offered to ancestors using the thumb

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksh) के दौरान पितरों (Ancestors) का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने का विशेष महत्व माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इससे पितरों की आत्मा तृप्त होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। आप लोगों ने देखा होगा कि जब भी पितरों (Ancestors) का तर्पण किया जाता है, तो उन्हें अंगूठे से जल अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा क्यों है और इसका कारण क्या है? चलिए हम आपको बताते हैं।

पितरों (Ancestors) को अंगूठे से जल देते हैं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों (Ancestors) को अंगूठे से जल अर्पित करने की परंपरा महाभारत-रामायण काल से शुरू हुई थी। ऐसा माना जाता है कि प्रभु श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ और पांडवों ने अपने परिजनों का तर्पण करते समय अंगूठे से जल दिया था। अंगूठे से पितरों को जल देने का कारण धर्म शास्त्रों में वर्णित है। धर्म शास्त्रों की मानें तो व्यक्ति के हर अंग को किसी न किसी देवता या ग्रह का अधीन माना जाता है। इस प्रकार व्यक्ति के अंगूठे में पितरों का वास माना गया है।

पितरों (Ancestors) को अंगूठे से जल देने के लाभ

महाभारत और अग्नि पुराण के मुताबिक, अंगूठे से पितरों को जल देने से उनकी आत्मा को शांति प्राप्त होती है। धर्म ग्रंथों की पूजा पद्धति की मानें तो हथेली के जिस हिस्से पर अंगूठा होता है, उस हिस्से को पितृ तीर्थ कहते हैं। इसी वजह से अंगूठे से चढ़ाया गया जल पितृ तीर्थ से होता हुआ पिंडों तक पहुंचता है और जब पिंडों पर जल गिरता है, तो तभी पितरों को भोजन मिलता है।

अगर अंगूठे से नहीं चढ़ाया जल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों (Ancestors) को अंगूठे से जल अर्पित करने को लेकर यह भी कहा जाता है कि अगर किसी दूसरी उंगली से जल चढ़ाया जाता है तो यह पितरों तक नहीं पहुंचता है। ऐसे में न तो पितरों को भोजन मिल पाता है और न ही जल, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है।

Tags: pitru paksha
Previous Post

भगवान को अर्पित किए गए फूल कब हटाएं, जानें सही नियम

Next Post

इस दिन से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि, नोट कर लें तिथियां

Writer D

Writer D

Related Posts

mashroom ki sabji
Main Slider

ऐसे बनाएं मशरूम की सब्जी, रोज होगी बनाने की डिमांड

24/06/2026
hands
फैशन/शैली

बेजान हाथ होंगे सॉफ्ट, अपनाएं ये आसान उपाय

24/06/2026
Oil
फैशन/शैली

डल और मुरझाई स्किन बनेंगी सॉफ्ट और ग्लोइंग, इससे करें मसाज

24/06/2026
Body Odor
फैशन/शैली

पसीने की बदबू दूर करने के लिए करें ये उपाय

24/06/2026
Cloves
फैशन/शैली

रात को लौंग खाने के ये फायदे जान रह जाएंगे हैरान

24/06/2026
Next Post
Sharadiya Navratri

इस दिन से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि, नोट कर लें तिथियां

यह भी पढ़ें

भारत में अगले Apple Store की तारीख हो गई पक्की, इस शहर में खुलेगा नया स्टोर

भारत में जल्द खुलेगा Apple का नया प्रीमियम स्टोर, शहर का नाम सुनकर चौंक जाएंगे!

28/11/2025
CM Yogi

युवक और महिला मंगल दल भारत की समृद्धि का आधार: सीएम योगी

20/03/2023

कृषि बिल किसानों के लाभ को सुनिश्चित करते हैं : शिवराज

23/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version