देहरादून: मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने बताया कि इंजीनियरिंग सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही इसकी जानकारी मिली, तत्काल कार्रवाई की गई और मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नकल के खिलाफ सख्त से सख्त कानून हो।” उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इंजीनियरिंग सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल होने की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं। मामले की जांच शुरू की गई और प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखना और योग्य विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने दोहराया कि नकल, पेपर लीक या परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।









