• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है कालाष्टमी, जानें पूजा विधि एवं महत्व

Writer D by Writer D
09/01/2026
in धर्म, फैशन/शैली
0
Kalashtami

Kalashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में कालाष्टमी ( Kalashtami) का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान कालभैरव को समर्पित है। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। साल 2026 की पहली कालाष्टमी माघ मास में पड़ रही है, जिसे लेकर लोगों में तारीख को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन है। अगर आप भी उलझन में हैं कि व्रत 9 जनवरी को रखना है या 10 जनवरी को, तो इस लेख में अपना हर कंफ्यूजन दूर करें।

9 या 10 जनवरी: कब है कालाष्टमी ( Kalashtami)?

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 10 जनवरी, शनिवार को सुबह 08:24 बजे से।
अष्टमी तिथि समाप्त: 11 जनवरी, रविवार को सुबह 11:21 बजे तक।
चूंकि कालाष्टमी की पूजा विशेष रूप से रात के समय यानी निशिता काल में की जाती है और उदया तिथि भी 10 जनवरी को मिल रही है, इसलिए कालाष्टमी का व्रत 10 जनवरी 2026, शनिवार को ही रखा जाएगा।

कालाष्टमी ( Kalashtami) की पूजा विधि

कालाष्टमी ( Kalashtami) के दिन कालभैरव की पूजा पूरे विधि-विधान से करनी चाहिए। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल पर भगवान शिव, माता पार्वती और कालभैरव की प्रतिमा स्थापित करें। भगवान के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। कालभैरव को इमरती, जलेबी या उड़द की दाल के बड़े अर्पित करें। ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं’ मंत्र का जाप करें। कालभैरव का वाहन कुत्ता है। इसलिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी या बिस्कुट खिलाना बेहद शुभ माना जाता है।

कालाष्टमी ( Kalashtami) का महत्व

भगवान कालभैरव को ‘काशी का कोतवाल’ कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार,कालभैरव की पूजा करने से साधक को अकाल मृत्यु और किसी भी प्रकार के अनिष्ट का भय नहीं रहता है। घर से नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर के दोष दूर होते हैं। शनि और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए भी कालाष्टमी ( Kalashtami) का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है।

Tags: kalashtami
Previous Post

मकर संक्रांति से लगने जा रहा है महालक्ष्मी राजयोग, इन चार राशिवालों की होगी बल्ले-बल्ले

Next Post

कब है मौनी अमावस्या? जानें व्रत और दान का महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

beard
Main Slider

हीरो जैसी बियर्ड की है चाहत, तो आजमाए ये नुस्खें

28/06/2026
forehead
ख़ास खबर

माथे के कालेपन को ये नुस्खे कर देंगे गायब

28/06/2026
flag
धर्म

घर में लगाए ये ध्वज, परिवार के लिए होता है लाभदायक

28/06/2026
Bad Luck
Main Slider

इन चीजों का दिखना होता है बुरा समय आने का संकेत

28/06/2026
Thin Hair
फैशन/शैली

बालों को मजबूत बनाएंगे ये उपाय, आजमाते ही दिखेगा असर

28/06/2026
Next Post
Mauni Amavasya

कब है मौनी अमावस्या? जानें व्रत और दान का महत्व

यह भी पढ़ें

PM Kisan Nidhi

उत्तराखंड के 6.53 लाख किसानों के खातों में आए 130.77 करोड़

18/10/2022
चीन में बच्चों की सजा पर मुहर Seal on punishment of children in China

कोरोना संकट के बीच सऊदी अरब की तेल कंपनी ने चीन को दिया बहुत बड़ा झटका

24/08/2020
rupee

डॉलर के आगे रुपया पस्त, 46 पैसे टूटकर नए ऑल टाइम लो 85.73 पर पहुंचा

27/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version