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कब है लोहड़ी, जानें शुभ मुहूर्त और संक्रांति क्षण

Writer D by Writer D
07/01/2026
in धर्म, फैशन/शैली
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lohri

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नए साल की शुरुआत के साथ ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी (Lohri) का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। अक्सर लोगों में इस बात को लेकर कंफ्यूजन रहता है कि लोहड़ी 13 जनवरी को है या 14 जनवरी को। साल 2026 में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बन रही है। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार लोहड़ी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और इसका महत्व।

कब है लोहड़ी (Lohri) 2026?

पंचांग के अनुसार, लोहड़ी का त्योहार हमेशा मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस लिहाज से लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा।

लोहड़ी (Lohri) 2026: शुभ मुहूर्त और संक्रांति क्षण

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (मकर संक्रांति) त्योहार की तिथि निर्धारित करता है।

लोहड़ी तिथि: 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)

लोहड़ी संक्रांति क्षण: 14 जनवरी 2026 को दोपहर 03:13 बजे।

अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय: शाम 06:30 बजे से रात 08:30 बजे के बीच।

क्यों मनाया जाता है लोहड़ी (Lohri) का पर्व?

लोहड़ी मुख्य रूप से नई फसल (रबी की फसल) की कटाई और बुवाई से जुड़ा त्योहार है। इस दिन किसान भगवान का आभार व्यक्त करते हैं।

दुल्ला भट्टी की कहानी: लोहड़ी के गीतों में ‘दुल्ला भट्टी’ का जिक्र अनिवार्य रूप से होता है, जिन्होंने मुगल काल में गरीब लड़कियों को डाकुओं से बचाकर उनकी शादी करवाई थी।

सर्दियों की विदाई: यह पर्व कड़कड़ाती ठंड के जाने और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है।

अग्नि पूजन: शाम को पवित्र अग्नि जलाई जाती है जिसमें तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित की जाती है। इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

नई दुल्हन और बच्चों के लिए खास

जिस घर में नई शादी हुई हो या बच्चा हुआ हो, वहां पहली लोहड़ी का विशेष महत्व होता है। रिश्तेदारों और दोस्तों को बुलाकर उत्सव मनाया जाता है, गिद्दा और भांगड़ा की थाप पर खुशियां बांटी जाती हैं।

कैसे मनाई जाती है लोहड़ी (Lohri) ?

लोहड़ी (Lohri) की शाम लोग एक जगह इकट्ठा होकर अलाव जलाते हैं, उसके चारों ओर घूमते हुए पारंपरिक गीत गाते हैं और भांगड़ा व गिद्धा करते हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस पर्व में शामिल होकर सामाजिक एकता और खुशियों का संदेश देते हैं।

Tags: Lohri
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