• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आषाढ़ माह में प्रदोष व्रत कब है, जानें पूजा विधि

Writer D by Writer D
13/06/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pradosh Vrat

Pradosh Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्रदोष (Pradosh) व्रत भोले शंकर को ही समर्पित होते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। आषाढ़ माह में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में ही पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रदोष काल संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू हो जाता है। कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के सातों दिन के प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व होता है। प्रदोष व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से संतान पक्ष को भी लाभ होता है। इस व्रत को करने से भगवान शंकर और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 23 जून, सोमवार को रखा जाएगा। यह प्रदोष (Pradosh) व्रत सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे सोम प्रदोष (Som Pradosh) व्रत कहा जाता है।

मुहूर्त-

त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ – जून 23, 2025 को 01:21 ए एम बजे

त्रयोदशी तिथि समाप्त – जून 23, 2025 को 10:09 पी एम बजे

प्रदोष पूजा मुहूर्त – 07:22 पी एम से 09:23 पी एम

अवधि – 02 घण्टे 00 मिनट्स

दिन का प्रदोष समय – 07:22 पी एम से 09:23 पी एम

पूजा-विधि:

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।

स्नान करने के बाद साफ-स्वच्छ वस्त्र पहन लें।

घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

अगर संभव है तो व्रत करें।

भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।

भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करें।

इस दिन भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

भगवान शिव को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

भगवान शिव की आरती करें।

इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

Tags: pradosh vrat
Previous Post

पूजा में करें कपूर का इस्तेमाल, हो जाएंगे मालामाल

Next Post

घर से दूर होगी निगेटिव वाइब्स, करें ये उपाय

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी

07/10/2026
Main Slider

भाजपा की ‘सेवा ज्योति यात्रा’ 7 अक्टूबर को, प्रदेश प्रभारी, सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष करेंगे नेतृत्व

07/10/2026
Main Slider

PM मोदी के 25 साल के राष्ट्रसेवा सफर पर CM धामी ने काशी विश्वनाथ में की पूजा

07/10/2026
Main Slider

PM मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर CM धामी ने दी बधाई

07/10/2026
Main Slider

राज्यसभा चुनाव ने बता दिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणामः मुख्यमंत्री

07/10/2026
Next Post
Negativity

घर से दूर होगी निगेटिव वाइब्स, करें ये उपाय

यह भी पढ़ें

नवनीत सहगल

सहगल बोले- समाचार पत्र व मैगजीन का संपादन प्रकाशन अपने आप में बहुत ही दुरूह कार्य है

22/10/2020
Chardham Yatra

देवस्थानम बोर्ड ने चारधाम यात्रा के लिए जारी किए इतने हजार ई-पास

21/09/2021
UGC NET Admit Card Released

आज जारी होंगे CUET के एडमिट कार्ड, इस तारीख को होगी प्रवेश परीक्षा

12/07/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version