• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब होगी माघ मेले की शुरुआत? नोट कर लें पवित्र स्नान की तिथि

Writer D by Writer D
04/12/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
magh mela

magh mela

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी का संगम होता है। प्रयागराज को तीर्थों का राजा कहा जाता है। यहां हर साल माघ मेला (Magh Mela) लगता है। मेले में कल्पवासी कल्पवास करते हैं। कल्पवासी गंगा स्नान करके स्वंय की अध्यात्मिक शुद्धि करते हैं। कल्पवास मेले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसकी अवधि पंचांग की गणना के अनुसार तय की जाती है।

कल्पवासी और श्रद्धालु इस अवधि में तपस्या, साधना, संयम और आत्मशुद्धि करते हैं। साल 2026 में माघ मेले (Magh Mela) की शुरुआत तीन जनवरी से होगी। तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा होगी। इस दिन पौष पूर्णिमा का स्नान किया जाएगा। वहीं माघ मेले का समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ हो जाएगा। ये पूरा कालखंड धार्मिक रूप से बड़ा महत्वपूर्ण है।

अध्यात्मिक जीवन जीते हैं कल्पवासी

इसी दौरान फिर से संगम तट पर कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आने वाली है। कल्पवास को माघ मेले की आत्मा बताया गया है। कल्पवास के दौरान कल्पवासी टेंट लगाकर रहते हैं। प्रतिदिन गंगा स्नान करते हैं। मंत्रजाप, कीर्तन, प्रवचन और साधना करते हैं। इस अवधि में कल्पवासी सांसारिक और भौतिक सुखों से दूर रहते हैं। इस समय में वो अध्यात्मिक जीवन जीते हैं।

पंचाग के अनुसार, अगले साल 2026 में कल्पवासी 29 दिनों तक कल्पवास कर सकते हैं। माघ मेले का प्रमुख आकर्षण हैं शाही स्नान। शाही स्नान के लिए ये मेला विश्वभर में प्रसिद्ध है। शाही स्नान के दिन अखाड़ों के साधु-संतों की एक भव्य शोभा यात्रा संगम तट की ओर निकलती है। शाही स्नान के दिन साधु-संत पारंपरिक विधि-विधान के साथ पवित्र डुबकी लगाते हैं।

माघ मेला (Magh Mela) 2026: होंगे छह पवित्र स्नान

पौष पूर्णिमा का स्नान- ये स्नान तीन जनवरी को किया जाएगा। इसी के साथ कल्पवास शुरू हो जाएगा।
मकर संक्रांति का स्नान- ये स्नान 14 जनवरी को भगवान सूर्य के उत्तरायण होने पर किया जाएगा।
मौनी अमावस्या का स्नान- ये स्नान 18 जनवरी को किया जाएगा। ये सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्नान है।
वसंत पंचमी का स्नान- ये स्नान 23 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन सरस्वती पूजा भी की जाएगी।
माघी पूर्णिमा का स्नान- ये स्नान 01 फरवरी को किया जाएगा। इसे कल्पवासियों का मुख्य स्नान माना जाता है।
महाशिवरात्रि का स्नान- ये स्नान 15 फरवरी को किया जाएगा। इसी स्नान के साथ माघ मेले का समापन हो जाएगा।

Tags: Magh Mela
Previous Post

रात को जरूर करें ये एक काम, स्किन पर आएगा ग्लो

Next Post

मृत्यु से पहले मिलते से कई संकेत, इन साइन से जानें मौत आ गई है करीब

Writer D

Writer D

Related Posts

Rishabh Pant
Main Slider

ऋषभ पंत ने छोड़ी LSG की कप्तानी, इस वजह से लिया ये बड़ा फैसला

29/05/2026
Teejan Bai
Main Slider

पद्म विभूषण तीजन बाई की हालत नाजुक, AIIMS रायपुर में इलाज जारी

29/05/2026
Abdullah Azam
Main Slider

अब्दुल्ला आजम खान को बड़ी राहत, इस केस में कोर्ट ने किया बरी; मिली थी 7 साल की सजा

29/05/2026
CM Yogi gave a gift of Rs 130 crore to Madhuban.
Main Slider

आपके एक वोट से बनता है दिव्य धाम और साफ होते हैं माफिया: सीएम योगी

29/05/2026
Main Slider

मां शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में अचानक आई बाढ़, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेनरेटर सहित दर्जनों वाहन बहे

29/05/2026
Next Post
Death

मृत्यु से पहले मिलते से कई संकेत, इन साइन से जानें मौत आ गई है करीब

यह भी पढ़ें

लालू सरकार ने बिहार को जंगलराज बनाकर छोड़ दिया था : फडणवीस

19/10/2020

Amazon दे रहा है हैंडबैग्स, बैगपैक्स और स्ट्रॉलीज पर 70% तक की भारी छूट

20/10/2020
ITBP

बनिए ITBP का हिस्सा, 8 जून से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

04/06/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version