• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जाने कौन हैं अरविन्द घोष, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया

Desk by Desk
15/08/2020
in Main Slider, राष्ट्रीय, शिक्षा
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आज देश 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री जनता को संबोधित कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो अपने संबोधन में उन्होंने सर अरविन्द घोष का नाम लिया। तो आइए जानते हैं अरविन्द घोष के बारे में।

देखें इस बार 74वें स्वतंत्रता दिवस पर गूगल ने बनाया विशेष अंदाज में यह डूडल

क्रांतिकारी महर्षि अरविन्द घोष का जन्म आज ही के दिन 15 अगस्त 1872 को कोलकाता में हुआ था। अरविंद के पिता का नाम केडी घोष और माता का नाम स्वमलता था। अरविन्द घोष ने दार्जिलिंग के लोरेटो कान्वेंट स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।

दो साल के बाद 1879 में अरविन्द घोष उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए। लंदन के सेंट पॉल उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लिया। इस दौरान उन्होंने आईसीएस के लिए तैयारी की और सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। हालांकि उन्होंने घुड़सवारी की परीक्षा देने से इनकार कर दिया और इसी काऱण वो सिविल सेवा में नहीं आ सके।

सिविल सर्विस की शिक्षा के बाद वो भारत आ गए और कई सिविल सर्विस से संबंधित काम किए। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। इस दौरान उन्होंने ब्रिटिश कानून के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और कई लेख लिखे। इस विरोध के लिए उन्हें जेल तक जाना पड़ा पर उन्होंने अपना काम जारी रखा। हालांकि बाद में वो रिहा कर दिए गए।

अरविन्द घोष एक प्रभावशाली वंश से ताल्लुक रखते थे। बचपन से ही दिल में देश को रखने वाले घोष ने युवा अवस्था में स्वतन्त्रता संग्राम में क्रान्तिकारी के रूप में भाग लिया। बंगाल के महान क्रांतिकारियों में से एक महर्षि अरविन्द देश की आध्यात्मिक क्रां‍ति की पहली चिंगारी थे।

इस स्वतन्त्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कही यह 10 बातें

उन्हीं के आह्वान पर हजारों बंगाली युवकों ने देश की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते जान दे दी थी। सशस्त्र क्रांति के लिए उनकी प्रेरणा को आज भी याद किया जाता है।

1902 में अहमदाबाद के कांग्रेस सत्र में अरविन्द की मुलाकात बाल गंगाधऱ तिलक से हुई। उनके अद्भुत और क्रांतिकारी व्यक्तित्व से प्रभावित अरविन्द ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ने की ठान ली। 1916 में उन्होंने दोबारा कांग्रेस का रुख किया और ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये लाला लाजपत राय और बिपिन चन्द्र पाल के साथ जुड़ गए।

अपने कारावास के समय उन्होंने पांडिचेरी में एक आश्रम स्थापित किया और वेद, उपनिषद ग्रन्थों आदि पर टीकाएं लिखीं। वो श्री अरविन्द आश्रम ऑरोविले के संस्थापक थे वो योगी और महर्षि भी कहलाए। उनके लिखे लेखों ने लोगों को स्वराज, विदेशी सामानों के बहिष्कार और स्वतंत्रता पाने के तरीके तक सुझाए। पुडुचेरी में 1950 में 5 दिसंबर को उनका निधन हो गया।

Tags: Arvind GhoshIndependence DayKolkatapm narendra modiWest Bengalअरविंद घोषकोलकातापश्चिम बंगालपीएम नरेंद्र मोदीस्वतंत्रता दिवस
Previous Post

इस स्वतन्त्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कही यह 10 बातें

Next Post

पीएम मोदी ने दिया मेक इन इंडिया के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का नारा

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

12/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया

12/10/2026
उत्तराखंड

हरिद्वार में कैबिनेट के 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ऋषिकुल में बनेगा प्राच्य शोध संस्थान

12/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, PMGSY-IV के तहत ₹2,708 करोड़ के प्रस्तावों पर बनी सहमति

12/10/2026
Main Slider

कुंभ-2027 का शंखनाद: धामी ने लॉन्च किया लोगो, वेबसाइट और गीत

12/10/2026
Next Post
narendra modi

पीएम मोदी ने दिया मेक इन इंडिया के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का नारा

यह भी पढ़ें

Temple

घर के मंदिर में न रखें ये चीजें, बढ़ जाएंगी आपकी मुश्किलें

31/01/2026
exercise

ऐसे एक्सरसाइज करना हो सकता है नुकसानदायक

25/09/2025

स्पाइसजेट को भारत-ब्रिटेन रूट पर सेवाएं शुरू करने की मिली अनुमति

24/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version