गोरखपुर। जिले में पिपराइच थाना क्षेत्र के सिधावल रोड स्थित गोदावरी मैरिज हॉल में शादी समारोह के दौरान रसमलाई (Rasmalai) खाने से बीमार हुए 100 से अधिक महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती 32 मरीजों में केवल 13 बच्चे भर्ती हैं। इनकी हालत भी ठीक है। जबकि जिला अस्पताल में भर्ती 20 लोगों को सोमवार सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया।
बीआरडी में भर्ती 13 बच्चों को अभी दस्त की शिकायत है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को इन्हें भी डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। वहीं, मेडिसिन वार्ड में भर्ती 19 मरीजों को सोमवार सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया है।
जिला अस्पताल की बात करें तो यह यहां कुल 20 मरीज रविवार को देर रात इलाज के लिए पहुंचे थे। इन्हें भी सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि करीब इतने ही लोग निजी अस्पताल से इलाज कराकर घर चले गए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। होली से पहले उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
रसमलाई खाने से एक घंटे के भीतर 100 से अधिक लोगों का बीमार होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. आनंद कुमार और डॉ. अंकुर ने कहा कि सामान्य तौर पर फूड प्वाइजनिंग का असर पांच छह घंटे के बाद दिखाई देता है, लेकिन रात की घटना में रसमलाई खाने के कुछ देर बाद ही लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि गोदावरी मैरिज हॉल के जिस कमरे में खाने के सामान रखे गए हैं। उस कमरे को सील कर दिया गया है। जब तक खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट नहीं आती तब तक कमरा सील रखा जाएगा।
ये था मामला
पिपराइच थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी रामअचल श्रीवास्तव की बेटी मोनी की शादी बनकिटया परतावल, महराजगंज निवासी अशोक श्रीवास्तव की बेटे अमित श्रीवास्तव से होनी थी। रामअचल ने शादी की पूरी जिम्मेदारी वर पक्ष को दे रखी थी। वर पक्ष ने गोदावरी मैरिज हॉल बुक कर इंतजाम किया था। बरात से पहले लड़की पक्ष के लोग मैरिज हॉल में पहुंच गए थे।
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इस दौरान सभी को खाने के लिए रसमलाई (Rasmalai) दी गई, जिसे खाने के 20 मिनट बाद ही एक दो लोगों को उल्टी होने लगी। कुछ देर बाद एक-एक करके कई लोगों को उल्टी और दस्त होने लगी। इससे अफरा-तफरी मच गई थी। 50 से अधिक लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया। इसके बाद 52 लोगों को जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया गया था।









