• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

माँ बिन्ध्यवासिनी से राम मंदिर शिलान्यास के लिए अयोध्या भेजी गयी मिट्टी और जल

Desk by Desk
31/07/2020
in Main Slider, मिर्जापुर
0
राम मंदिर

माँ बिन्ध्यवासिनी से राम मंदिर शिलान्यास के लिए अयोध्या भेजी गयी मिट्टी और जल

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मिर्जापुर। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर पांच अगस्त को होने वाले शिलान्यास में बिन्ध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी माँ बिन्ध्यवासिनी देवी के चरणों की मिट्टी और जल भी भेजा गया है।

काशी प्रयाग के मध्य बिन्ध्य पर्वत पर स्थित बिन्ध्याचल धाम की प्रतिष्ठा देश विदेश में है। मान्यता है कि भगवान राम ने इसी तपोभूमि पर अपने पिता का पिंडदान किया था। रामगया घाट और सीता कुंड की मान्यता जन जन मे है। शिलान्यास के लिए देशभर की पवित्र नदियों का जल एवं मिट्टी अयोध्या लायी जा रही है। स्थानीय विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विधिवत पूजन अर्चन कर मां के चरणो में जल और मिट्टी चढा कर अयोध्या भेजा है।

श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन में सुल्तानपुर के धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहित

असल में बिन्ध्याचल में बिन्ध्य पर्वत और मां गंगा का मिलन होता है। बिन्ध्य पर्वत के इस मिलन के कारण ही गंगा पश्चिम की ओर जाती है। वर्ना गंगा नदी दक्षिण की ओर जाती। बिन्ध्य और गंगा के इस मिलन का उल्लेख पुराणों आदि धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है।

विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष श्री रामचंद्र शुक्ल ने गुरूवार को यहां बताया कि वैदिक रीति रिवाजों के अनुसार पूजन कर जल और मिट्टी भेजी गयी है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर मां लक्ष्मी के रूप में भगवती बिन्ध्यवासिनी विराजमान हैं। इस स्थल की महत्ता इस अवसर पर और बढ़ जाती है।

रामेश्वरम की मिट्टी को सोना जड़ित खड़ाऊ में भर कर भेजा जाएगा अयोध्या

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में बजरंग दल के भी कार्यकर्ता शामिल थे। बिन्ध्याचल की मिट्टी और जल भेजने की सूचना पर स्थानीय निवासियों में भी खुशी की लहर हैं। यह अनायास नहीं है। अयोध्या में देशभर से मिट्टी और जल भेजे जाने की सूचना मिल रही थी। पर बिन्ध्य घाम का प्रतिनिधित्व न होना उन्हें साल रहा था। अब विश्व हिन्दू परिषद के इस योजना से उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

Tags: 24ghante online.com5 अगस्त को भूमि पूजनBhoomi Poojan on 5 AugustBhoomi Poojan will contain the mud of Baba DhamShri Ram Temple Bhoomi Poojanभूमि पूजन में धोपाप धाम की मिट्टी होगी समाहितमाँ बिन्ध्यवासिनी से अयोध्या भेजी गयी मिट्टी और जलश्री राम मंदिर निर्माण भूमि पूजनश्रीराम मंदिर भूमि पूजन
Previous Post

सरगना सुनील राठी की मां समेत सात के शस्त्र लाईसेंस निरस्त

Next Post

बिना मास्क के घूम रहा था बकरा, तो पुलिस ने किया गिरफ्तार

Desk

Desk

Related Posts

Guava Chutney
Main Slider

ये बढ़ाएगी खाने का स्वाद, जानें बनाने का तरीका

26/05/2026
Amritsari Tadka Tea
Main Slider

घर पर ही बनाएं कुल्हड़ फ्लेवर वाली चाय, अपनाएं ये आसान ट्रिक

26/05/2026
cotton clothes
फैशन/शैली

कॉटन के कपड़ों की इस तरह करें देखभाल, लंबे समय तक बनी रहेगी इनकी चमक

26/05/2026
cm yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

25/05/2026
Main Slider

जेलों को सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास का प्रभावी केंद्र बनाया जाए: मुख्यमंत्री

25/05/2026
Next Post
बिना मास्क के बकरा

बिना मास्क के घूम रहा था बकरा, तो पुलिस ने किया गिरफ्तार

यह भी पढ़ें

गौ संरक्षण पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला

03/09/2021
Vat Savitri Vrat

आज इस शुभ मुहूर्त में करें वट सावित्री व्रत, जानें पूजन विधि

30/05/2022
Mahalaxmi Vrat

महालक्ष्मी व्रत के दौरान पढ़ें यह कथा, घर से दूर हो जाएगी दरिद्रता

01/09/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version