• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उच्च शिक्षण संस्थानों में जब पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षा किस बात की?

Desk by Desk
14/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय, शिक्षा, स्वास्थ्य
0
petrol prices increased

पेट्रोल कीमत घटाने के आदेश को किया खारिज

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटी में स्नातक पाठ्यक्रमों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द करने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई 18 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से कहा कि जब पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षा किस बात की?

याचिकाकर्ता यश दुबे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ के समक्ष अंतिम वर्ष की परीक्षा कराने के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्णय पर सवाल खड़े किये। श्री सिंघवी ने कहा कि जब पाठ्यक्रम की पढ़ाई ही नहीं हुई, तो परीक्षा किस बात की ली जायेगी। कोई विश्वविद्यालय बिना पढ़ाये परीक्षा देने पर बाध्य नहीं कर सकता।

भारत दुश्मनों को माकूल जबाव देने में सक्षम : रामनाथ कोविंद

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब देश में 1137 कोरोना के मामले थे। तब यूजीसी ने परीक्षाएं आयोजित नहीं की तो वह 22 लाख से अधिक मामले होने पर भी परीक्षाएं कैसे आयोजित करा सकती है? उन्होंने यह भी कहा कि जब गृह मंत्रालय ने अपने अनलॉक कार्यक्रम में स्कूल कॉलेजों को खोलने की अनुमति नहीं दी है। तो उसने परीक्षा आयोजित कराने के लिए यूजीसी को निर्देश कैसे दे दिया?

श्री सिंघवी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने इन पहलुओं पर बिना सोचे समझे ही परीक्षा आयोजित करने के लिए यूजीसी को आदेश जारी कर दिये और आयोग ने भी 30 सितम्बर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी।

कुछ छात्रों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने भी कहा कि 29 अप्रैल को देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1137 थी, तब यूजीसी ने परीक्षाएं आयोजन कराने का निर्णय नहीं लिया। ऐसे में आज जब देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 22 लाख से अधिक है तो यूजीसी परीक्षाएं कैसे आयोजित करा सकता है?

Tags: Supreme Courtजब पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षा किस बात की?सुप्रीम कोर्ट
Previous Post

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- अगर दुश्मन देश हमला किया तो देंगे करारा जवाब

Next Post

यूपी के 23 पुलिस अफसरों को मिलेगा वीरता पुरस्कार, राष्ट्रपति पदक से होंगे सम्मानित

Desk

Desk

Related Posts

Haridwar Kumbh
राजनीति

हरिद्वार कुंभ -2027 के लिए रेलवे ने की तैयारियां

12/05/2026
CM Yogi
Main Slider

प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ें प्रदेशवासी, ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक न करें सोने की खरीदारीः मुख्यमंत्री

12/05/2026
CM Nayab Singh Saini
राजनीति

गुड़गांव कैनाल के साथ लगेंगे 50 शैलो ट्यूबवेल, मुख्यमंत्री ने दी 621.90 लाख की मंजूरी

12/05/2026
Central government's big assurance for Haridwar Kumbh-2027
राजनीति

हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए केंद्र सरकार का बड़ा आश्वासन, नमामि गंगे के तहत हरसंभव सहयोग मिलेगा

12/05/2026
Keshav Prasad Maurya
Main Slider

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने माँ कामाख्या देवी के दरबार में टेका माथा

12/05/2026
Next Post

यूपी के 23 पुलिस अफसरों को मिलेगा वीरता पुरस्कार, राष्ट्रपति पदक से होंगे सम्मानित

यह भी पढ़ें

Jal Jeevan Mission

‘जल ज्ञान यात्रा’ के जरिए छात्र देखेंगे पानी से बदलती यूपी की तस्वीर

23/04/2023
He himself reacted to the meme being made on Cristiano Ronaldo and Amrita

क्रिस्टियानो रोनाल्डो और अमृता पर बन रहे मीम पर खुद उन्होंने दी प्रतक्रिया

18/06/2021

‘दूल्हा’ बनाए गए इस जिले के SHO, ‘बारात’ में उमड़ी जबरदस्त भीड़

07/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version