• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आदर्श समाज बनाने के लिए धर्मगुरु ने करा दी 900 लोगों की सामूहिक सुसाइड

Writer D by Writer D
18/11/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, क्राइम
0
Mass Suicide

Mass Suicide

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आज ही के दिन 42 साल पहले दक्षिण अमेरिका के गुयाना के जोन्सटाउन में 900 से अधिक लोगों की सामूहिक आत्महत्या का मामला सामने आया था। ये सभी एक धार्मिक पंथ पीपल्स टेंपल ग्रुप को मानने वाले थे। इस पंथ की स्थापना करने वाले जिम जोंस ने भी आत्महत्या कर ली थी। इसे आधुनिक इतिहास में सामूहिक आत्महत्या की सबसे बड़ी घटना माना जाता है।

जिम जोन्स एक पादरी था जिसने 1950 के दशक में पीपल्स टेंपल की स्थापना की थी। वो शुरुआती दौर में नस्लभेद के खिलाफ बातें करता था जिसके चलते उसके पंथ में कई अफ्रीकी अमेरिकन्स शामिल हुए क्योंकि उस दौर में अमेरिका में ब्लैक लोग अपने अधिकारों के खिलाफ काफी मुखर हो रहे थे।

शहीद पति के सपनों को पूरा कर रही है लेडी सिंघम तारावती, जिनके नाम से कांपते है अपराधी

जिम इसके अलावा सिविल राइट्स को लेकर भी काफी मुखर था। उसने कई कलर के बच्चों को एडॉप्ट किया। उसका एक ही बेटा था जिसका मिडिल नेम गांधी था। जिम अपने साथ जुड़े लोगों को ये एहसास दिलाना चाहते थे कि युद्ध, डिप्रेशन और तकलीफों से गुजरते अमेरिकियों के लिए एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।

60 और 70 के दशक में अमेरिकी समाज में फैली युगचेतना को जिम ने भी भुनाने की कोशिश की। उन्होंने लोगों के डर और असुरक्षा को देखते हुए वादे किए कि वे एक बेहतर दुनिया बनाने जा रहे हैं जहां हर कोई एक समान होगा। जिम की एक पूर्व फॉलोअर के मुताबिक, वो अपने आपको गांधी, बुद्ध और लेनिन का रूप बताते थे। किसी को एक पिता की जरूरत महसूस होती थी तो उसके साथ वैसे ही बर्ताव करते थे। वे अपने पंथ में मौजूद हर इंसान को उसकी असुरक्षा के हिसाब से सुनिश्चित करते थे।

शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक की हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती

जिम के इस पंथ में ज्यादातर अफ्रीकन अमेरिकन लोग थे, लेकिन इसके अलावा इस ग्रुप में मेक्सिकन, यहूदी और गोरे लोग भी शामिल थे। इन लोगों में कई ऐसे थे जो अनपढ़ थे।

वहीं, कई ऐसे भी थे जो काफी एजुकेटेड थे लेकिन सभी एक आदर्श लोक की स्थापना के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे और जिम ने इन्हें जो सपना दिखाया था, उसके लिए जी जान से जुटे थे।

1970 के दशक में जिम के ग्रुप पर आरोप लगने लगे कि उन्होंने आर्थिक फ्रॉड किए हैं और उन पर अपने पंथ के लोगों के साथ दुराचार के आरोप लगने लगे। अपने खिलाफ बढ़ती आलोचना को देखते हुए उन्होंने अपने ग्रुप को गुयाना ले जाने का फैसला किया। उन्होंने अपने पंथ के लोगों से वादा किया कि गुयाना में एक आदर्श समाज का निर्माण करेंगे।

लखनऊ: नए पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कार्यालय पहुंच संभाला कार्यभार

हालांकि, गुयाना के जोनसटाउन में जिस आदर्शलोक की आस जिम के फॉलोअर्स लगाए बैठे थे, उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला। टेंपल के सदस्यों को फील्ड में काफी मेहनत करनी पड़ती थी और जोनस के प्रशासन पर सवाल उठाने पर उन्हें काफी कड़ी सजा मिलती थी। उनके पासपोर्ट छीन लिए गए थे। वहीं जिम ड्रग्स का आदी हो चुका था और उसके मानसिक हालात खराब हो चले थे और उसे भरोसा हो चला था कि अमेरिकन सरकार उसे खत्म करने वाली है।

साल 1978 में पीपल्स टेंपल के पूर्व सदस्यों ने अमेरिका के एक नेता लियो रायन को मनाते हुए इस मामले की जांच करने को कहा। 17 नवंबर 1978 को लियो जोनसटाउन में कुछ पत्रकारों के साथ पहुंचे। जब लियो अगले दिन वहां से जाने लगे तो कई जोनसटाउन में मौजूद लोगों ने उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए कहा। जोनस इस घटना से चिंतित हो गया और फिर उसने अपने फॉलोअर्स को लियो रायन को मार डालने के लिए कहा। जिम के फॉलोअर्स ने लियो और उनके चार साथियों को मार गिराया।

अगले दिन जोनसटाउन में जिम ने सबको मेन पेवेलियन में आने को कहा और उसे बताया कि उन्हें अब एक क्रांतिकारी कदम उठाना होगा। पीपल्स टेंपल के सबसे यंग सदस्य सबसे पहले मरने वाले लोगों में से थे क्योंकि वहां मौजूद नर्स और पेरेंट्स ने इंजेक्शन में फ्रूट जूस और साइनाइड दे दिया था। इसके बाद युवाओं को साइनाइड दिया गया। वहीं, जो लोग इस सामूहिक आत्महत्या में शामिल नहीं होना चाहते थे, उन्हें गन प्वाइंट पर ऐसा करना पड़ा और देखते ही देखते 900 से ज्यादा लोगों ने सामूहिक सुसाइड कर लिया। इनमें से एक तिहाई बच्चे थे।

Tags: crime newscrime news in hindiinternational Newsmass suicide
Previous Post

योगी सरकार ने छठ पूजा को लेकर जारी की गाइडलाइन

Next Post

जानें उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ीं 10 मुख्य बातों के बारे में

Writer D

Writer D

Related Posts

Lips
Main Slider

होंठों का कालापन दूर करने के लिए करें ये उपाय

21/07/2026
Hair Mask
Main Slider

बालों की हर समस्या का इलाज है ये मास्क

21/07/2026
Garlic Pickle
Main Slider

इस अचार का स्वाद होता है लाजवाब, बनाकर जरूर देखें

21/07/2026
Anand Bardhan
Main Slider

ग्रोथ सेंटर्स को बाजार और निजी साझेदारों से जोड़ें: मुख्य सचिव

20/07/2026
Dehradun-Mussoorie road caves in due to heavy rain
Main Slider

भारी बारिश में धंसा देहरादून-मसूरी मार्ग, अग्रिम आदेशों तक बंद

20/07/2026
Next Post

जानें उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ीं 10 मुख्य बातों के बारे में

यह भी पढ़ें

CM Vishnudev

साय सरकार धर्मांतरण को लेकर गंभीर, किया ये बड़ा ऐलान

28/07/2025
abductor minor

नाबालिग को बहला-फुसला कर युवक भगा ले गया, मुकदमा दर्ज

26/03/2021
tulsi

तुलसी के पौधे में बांधे ये धागा, घर में होगी धन-दौलत की बरसात

06/03/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version