• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आखिरकार तीन दशक बाद पी टी ऊषा के कोच नम्बियार को पद्मश्री मिलने की घोषणा

Desk by Desk
26/01/2021
in Main Slider, खेल, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
p t usha coach

p t usha coach

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स की सबसे सफल एथलीट और उड़न परी के नाम से मशहूर पीटी ऊषा के कोच ओवी माधवन नम्बियार को पद्मश्री देने में तीन दशक से अधिक का समय लग गया। 89 वर्षीय नम्बियार को इस साल पद्मश्री देने की घोषणा की गयी है। नम्बियार सहित सात लोगों को खेल क्षेत्र से देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री के लिए चुना गया है। नम्बियार एथलेटिक्स में देश के पहले द्रोणाचार्य अवार्डी थे। पीटी ऊषा ने नम्बियार को पद्मश्री मिलने पर हार्दिक बधाई दी है।

मैने प्लेयर्स को उनका प्राकृतिक खेल दिखाने को किया प्रेरित – रहाणे

नम्बियार ने देश को उसकी सबसे बड़ी एथलीट दी जिसने अपनी शानदार उपलब्धियों से देश का नाम रौशन किया है। नम्बियार पीटी ऊषा के 14 साल के करियर में उनके निजी कोच बने रहे। नम्बियार को 1985 में कोचों के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया था लेकिन उसके 36 साल बाद अब जाकर उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिया जा रहा है।

हल्द्वानी : कई राज्यों में काम करने वाले सेक्स रैकेट का खुलासा, 6 गिरफ्तार

केरल के नम्बियार का जन्म 1932 में हुआ था। वह 1955 में भारतीय वायु सेना से जुड़े थे जहां वह वायु सेना के डेकाथलन चैंपियन थे। वह वायु सेना एथलेटिक्स टीम के कोच भी बने। उन्हें 1976 में केरल की स्पोर्ट्स डिवीजन में कोच नियुक्त किया गया। नम्बियार ने केरल के कन्नूर जिले स्पोर्ट्स हॉस्टल में एक एथलेटिक इवेंट में पीटी ऊषा की प्रतिभा को उस पहचाना जब उसकी उम्र 15 साल थी।

लखनऊ : 23 लाख की धनराशि के साथ चार सटोरिये गिरफ्तार

उसके अगले 14 वर्षों तक नम्बियार पीटी ऊषा के कोच बने रहे। पीटी ऊषा 1984 के लॉस एंजेलिस ओलम्पिक में 400 मीटर बाधा दौड़ में सेकंड के सौंवें हिस्से से पदक से चूक गयी थीं। पीटी ऊषा ने 1985 की एशियाई चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 1986 के सोल एशियाई खेलों में चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 1989 की एशियाई चैंपियनशिप में चार स्वर्ण जीते थे।

Tags: O.M. Nambiarpadma shri awards 2021PT Usha
Previous Post

मैने प्लेयर्स को उनका प्राकृतिक खेल दिखाने को किया प्रेरित – रहाणे

Next Post

दिल्ली में पैरामिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त कंपनियां होंगी तैनात

Desk

Desk

Related Posts

CM Nayab Singh Saini
राष्ट्रीय

CM नायब सैनी का बड़ा ऐलान, पिंजौर में बनेगा ऑक्सीजन जोन और हर्बल पार्क

21/07/2026
cm dhami
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी ₹8 करोड़ से अधिक की वित्तीय मंजूरी

21/07/2026
CM Nayab Singh Saini
राष्ट्रीय

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टिफिन बैठक में कार्यकर्ताओं के साथ किया सहभोज

21/07/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

21/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, सीएम धामी ने किया 235 करोड़ की योजना का शिलान्यास

21/07/2026
Next Post
extra companies of paramilitry forces in delhi

दिल्ली में पैरामिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त कंपनियां होंगी तैनात

यह भी पढ़ें

back acne treatment

पीठ पर पड़े दानों से न हो परेशान तुंरत अपनाएं घरेलू उपाय

15/07/2021

एलआईसी ने हमेशा आगे आकर किया देश और समाज को सहयोग : आनंदीबेन

18/01/2021
विश्व में कोरोना

विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.20 करोड़ के पार, 39.97 लाख मरीज रोगमुक्त

12/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version