• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पूर्वाग्रह से नहीं निपटती समस्या

Writer D by Writer D
03/02/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, राजनीति, विचार
0
किसान आंदोलन farmers protest

किसान आंदोलन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सियाराम पांडे ‘शांत’

्पूर्वाग्रह से किसी भी समस्या का अंत नहीं होता। समझौते के लिए झुकना होता है।  विडंबना इस बात की  है कि  इसे समझनेके लिए न तो किसान तैयार हैं औरन ही किसान।  किसान नेता एक ओर तो यह कहते हैं कि वे सरकार का,प्रधानमंत्री कासिर झुकने नहीं देंगे,वहीं वे किसानों की पगड़ी का भी मान रखना चाहते हैं। दोनों का सम्मान सुरक्षित रहनाचाहिए लेकिन ऐसा मुमकिन कैसे होगा, विचार काप्रमुखबिंदु तो यही है।

तीनों कृषि कानूनोंके मुद्दे  पर न सरकार झुकना चाहती है और न ही किसान, ऐसे में समझौता होगा भी तोकिस तरह ? सरकार अपने स्तर पर किसानोंको रिझाने के हर संभव प्रयास कर रही है। डीजल और पेट्रोल पर उपकर लगाने का जोखिम भी वह किसानों के हित के लिए ले रही है लेकिन किसान डेढ़ साल का भी जोखिम लेने को तैयार नहीं है। अब तोवित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में भी कह दिया है कि न तो मंडियाहटेंगी और न ही एमएसपी। इसके बाद  भी किसान नेताअगर तीनों कृषि कानूनों को हटानेकी जिद पर अड़े हैं तो इसे क्या कहा जाएगा।

जिस तरह समूचे विपक्ष ने  किसानों के मुद्दे पर राज्यसभा से बहिर्गमन किया है। लोकसभा में हंगामा किया है। जिस तरह राजनीतिक दलों के नेता धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। राकेश टिक्ैत को तलवार भेंट कर रहे हैं, उससे  तो नहीं लगता कि  किसानों काहौंसला ही बढ़ेगा। इस कड़कड़ाती ठंड में किसानों को आंदोलन के लिए प्रोत्साहित करना किस तरह का युगधर्म है।  किसानों के मुददे पर शिवसेना नेता राउत का पहुंचना, आप नेताओं का पहुंचना यह साबित करता है कि यह आंदोलन किसानों का कम, राजनेताओं का अधिक हो गया है।

टूर पैकेज व गिफ्ट का झांसे दे कर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

जब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह यह कहते हैं कि किसान आंदोलन के बहाने पाकिस्तान पंजाब में हथियारों की खेप भेज रहा है तो इससे पता चलता है कि इस आंदोलन के तार कहां से जुड़े हैं। आंदोलन दिल्ली की सीमा पर हो रहा है और हथियार अगरपंजाब पहुंच रहे हैं तो उसे रोकने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की नहीं है क्या? भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने सत्तारूढ़ शिवसेना को  अगर दिशाहीन पार्टी बताया है तो उसे गलत भी नहीं कहा जा सकता।   राजनीतिक दलोंका बिनापेंदी के लोटे वाला आचरण यह देश बखूबी देख रहाहै।   जब राजनीतिक दलोंको केंद्रीय बजट में भी वोट की गंदी राजनीति नजर आने लगे तो इससे उनकी सोचका पता चलता है।   पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा  एक सर्वदलीय बैठक में तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग तोकर ही रहे हैं,  संकट के समाधान में   अत्यधिक देरी   के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।  दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को   प्रायोजित   करार दे रहे हैं।

राष्ट्रध्वज का अपमान हो या और इस पर भी कांग्रेस सरीके दल राजनीति के उत्स तलाश रहे हैं।  मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह  कह रहे हैं कि वे  फिर विधेयक लायेंगे क्योंकि संविधान व्यवस्था देता है कि यदि विधेयक विधानसभा से दो बार पारित कर दिये जाते हैं तो राज्यपाल को उन्हें राष्ट्रपति के पास भेजना ही होता है।  सवाल उठता है कि जब पंजाब ने अपने यहां तीनों कृषि कानूनों का अनुपालन ही नहीं किया था तो उनके राज्य के किसान दिल्ली में आंदोलन के नाम पर कर क्या रहे हैं? इस  पर भी मंथन किए जाने की जरूरत है।  तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवर सेल्समैन को रौंदा, चालक फरार

सच तो यह है कि राजनीतिक लोग किसान आंदोलन के मंच का इस्तेमाल माहौल बिगाड़ने के लिए कर रहे हैं।  दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा आंदोलन सिर्फ किसानों का है मगर राजनीतिक दलों के नेता अपने समर्थकों के जरिए दवाब बनवाकर मंच हासिल करना चाहते हैं। भलेही किसानोंका मंच उन्हें मिल नहीं पा रहा है लेकिन मंच के नीचे से ही वे अपनी बात तो कह ही रहे हैं। जिस तरह गांव-गांव खाप पंचायतें हो रही हैं, उससे यह आंदोलन किसानों का कम, एक जाति विशेष का ज्यादा हो गया है।   दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले में हुई हिंसा में सीआईएसएफ के एक जवान पर कथित रूप से हमला करके उसे घायल करने वाले एक प्रदर्शनकारी को  गिरफतार किया है। जिन लोगों को गिरफतार किया  जाना  है, उनमें कुछ किसान नेता भी शामिल हैं। किसान नेता चाहते हैं कि उन पर लगे मामले हटाए जाएं। सब उनके ही पक्ष की हो जाए और उन्हें कुछ न करना पड़े। किसान नेता दरअसल एक हाथ से ताली बजाना चाहते हैं, यह स्थिति बहुत मुफीद नहीं है।  अच्छा होता कि कुछ सरकार झुकती, कुछ किसान लेकिन यहां तो नवली नवै न गहमर टरै वाले हालात हैं।

 

Tags: farmer protest
Previous Post

स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ में खूंखार अपराधी जावेद मारा गया

Next Post

मामूली विवाद में मां-बाप को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, कलयुगी बेटा फरार

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
उत्तर प्रदेश

कृषि को प्रोडक्शन, प्रोडक्टिविटी, प्रॉफिटेबिलिटी से प्रॉस्पेरिटी की ओर ले जाने का समय: सीएम योगी

08/04/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के तहत 15 वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

08/04/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

युवाओं को मिलेगा हुनर मऊ में लौटेगी खुशहाली और मुस्कान: एके शर्मा

08/04/2026
Keshav Prasad Maurya
उत्तर प्रदेश

खाद्य सुरक्षा और नवाचार से समृद्ध होगा आत्मनिर्भर भारत: केशव प्रसाद मौर्य

08/04/2026
Modern ropeway system to be built in Haridwar
राजनीति

हरिद्वार में बनेगा आधुनिक रोपवे सिस्टम, डीपीआर स्तर पर तेजी से बढ़ेगी प्रक्रिया

08/04/2026
Next Post

मामूली विवाद में मां-बाप को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, कलयुगी बेटा फरार

यह भी पढ़ें

LDA Tableau

LDA की झांकी को मिला पहला पुरस्कार, दूसरे पायदान पर रही राजभवन की झांकी

28/01/2024
UP Vidhansabha

नौकरी के लिए हुई परीक्षा के बाद VVIP के करीबियों को मौका, HC ने बताया ‘चौंकाने वाला घोटाला’

15/11/2024
Viral Video

लाइव शो में न्यूज पढ़ते समय एंकर का गिरा दांत, देखे Viral Video

18/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version