• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वायुसेना के बेड़े में जल्द शामिल होंगे तीन राफेल, भारत की बढ़ाएंगे ताकत

Desk by Desk
25/03/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
राफेल Rafale

राफेल

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। मोदी सरकार पड़ोसी देशों के साथ जारी तनाव के बीच सेना को और ताकतवर बनाने में जुटी है। जल्द ही भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की ताकत में और अधिक इजाफा होने वाला है। आगामी चार दिनों में तीन और लड़ाकू विमान राफेल अंबाला में लैंड करेंगे। इसके बाद अप्रैल के मध्य तक नौ और राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से भारत पहुंचेंगे।

फ्रांसीसी और भारतीय राजनयिकों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की एक टीम तीन राफेल को अंबाला लाने के लिए पहले ही फ्रांस पहुंच चुकी है। उम्मीद है कि  राफेल के इन तीन लड़ाकू विमानों की खेप 30 या 31 मार्च को भारत पहुंच जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हालत नाजुक, दिल्ली एम्स रेफर

बता दें कि भारत ने फ्रांस सरकार के साथ सितंबर, 2016 में 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का रक्षा सौदा किया था। फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन से पांच राफेल विमानों का पहला बेड़ा 28 जुलाई को भारत पहुंचा था।

इस बेड़े ने फ्रांस से उड़ान भरने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में हाल्ट किया था, जहां उसने ईंधन भरा था। राफेल के पहले बेड़े को जब वायुसेना में शामिल किया गया था, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे गेम चेंजर करार दिया था। उनका दावा था कि राफेल के साथ वायुसेना ने तकनीकी स्तर पर बढ़त हासिल कर ली है। राफेल नवीनतम हथियारों और सुपीरियर सेंसर से लैस लड़ाकू विमान है।

भारतीय वायुसेना के अंबाला स्थित गोल्डन एरो स्क्वाड्रन ने जुलाई, 2020 और जनवरी, 2021 के बीच 11 राफेल लड़ाकू विमानों को पहले ही वायुसेना में शामिल कर लिया गया है। इन्हें लद्दाख सीमा पर तैना किया गया है। बता दें कि मई 2020 की शुरुआत से ही चीन के साथ सीमा गतिरोध के बाद सेना हाई अलर्ट पर है।

Tags: Ambalaborder disputeChinaFranceIAFIndia News in HindiIndian Air ForceladakhLatest India News UpdatesPakistanrafaleRafale fighterrafale fightersचीनपाकिस्तानभारत सरकारराफेल
Previous Post

कोरोना पॉजिटिव उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हालत नाजुक, दिल्ली एम्स रेफर

Next Post

सैनिटाइजर से कैंसर का खतरा! 44 हैंड सैनिटाइजर में मिला खतरनाक केमिकल

Desk

Desk

Related Posts

Green Tea
Main Slider

रक्षाबंधन पर भाई का मुंह मीठा करने के लिए बनाएं काजू हलवा

22/08/2026
Monsoon Dishes
Main Slider

बारिश के मौसम को बनाएं और भी मजेदार, ट्राई करें ये टेस्टी डिश

22/08/2026
CM Vishnudev Sai
छत्तीसगढ़

चमोली टनल हादसे पर CM साय का बड़ा ऐलान, मृत मजदूरों के परिवारों को मिलेंगे 5-5 लाख

21/08/2026
UP-Japan cooperation in women and child welfare
Main Slider

महिला-बाल कल्याण में यूपी-जापान सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

21/08/2026
Agreement on green hydrogen cooperation between UP and Yamanashi
Main Slider

उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौता

21/08/2026
Next Post
सैनिटाइजर से कैंसर का खतरा!

सैनिटाइजर से कैंसर का खतरा! 44 हैंड सैनिटाइजर में मिला खतरनाक केमिकल

यह भी पढ़ें

हाथरस कांड

हाथरस गैंगरेप : पीड़िता की परिवार की सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव

01/10/2020

चंडीगढ़ की बुडैल जेल में भिड़े कैदी, एक गंभीर घायल

22/04/2026
IGRS

IGRS पोर्टल रिपोर्ट: शिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल नंबर-1, मीरजापुर दूसरे और अलीगढ़ तीसरे स्थान पर

09/09/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version