• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

WhatsApp को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने प्राइवेसी पॉलिसी की जांच पर रोक से किया इनकार

Writer D by Writer D
25/08/2022
in Main Slider, Tech/Gadgets
0
whatsapp

whatsapp

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने व्हाट्स ऐप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी की प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने जांच को चुनौती देने वाली व्हाट्स ऐप और उसकी मूल कंपनी फेसबुक (मेटा) की याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने 25 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान मेटा ने कहा था कि प्रतिस्पर्धा आयोग फेसबुक की केवल इस आधार पर जांच नहीं कर सकती है कि उसका व्हाट्स ऐप (WhatsApp) पर भी मालिकाना हक है। मेटा की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि मेटा का मालिकाना अधिकार व्हाट्स ऐप पर है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है के प्रतिस्पर्धा आयोग निजता के सवाल पर जांच करे। उन्होंने कहा था कि फेसबुक ने 2014 में व्हाट्स ऐप (WhatsApp) को अधिगृहीत किया था। भले ही मेटा का फेसबुक और व्हाट्स ऐप पर मालिकाना हक है लेकिन दोनों उपक्रमों के रास्ते अलग हैं और उनकी नीतियां भी अलग हैं। रोहतगी ने कहा था कि फेसबुक के खिलाफ कुछ नहीं मिला है। स्वत: संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट 2016 और 2021 के प्राइवेसी पॉलिसी की पड़ताल कर रही है। ऐसे में किसी प्राधिकार को जांच करने का कोई मतलब नहीं बनता है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फेसबुक (मेटा) की प्राइवेसी पॉलिसी पर चिंता जताते हुए कहा था कि सोशल मीडिया कंपनियों की ओर से यूजर की निजी जानकारी शेयर करने के मामले की पड़ताल की जरूरत है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि लोग अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं और अधिकतर तो ये तक नहीं जानते की उनका डाटा सोशल मीडिया दिग्गजों की ओर से तीसरे पक्ष को शेयर किया जा रहा है। कोर्ट ने कैंब्रिज एनालाइटिका का उदाहरण देते हुए यूजर्स के डाटा शेयर करने पर चिंता जताई।

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 345 अंक तक उछला

केंद्र सरकार ने हलफनामा के जरिये नए आईटी रूल्स का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा था कि आईटी रूल्स के रुल 4(2) के तहत ट्रेसेबिलिटी का प्रावधान वैधानिक है। केंद्र सरकार ने कहा था कि वो चाहती है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स यूजर की प्राइवेसी और एंक्रिप्शन की सुरक्षा करें। केंद्र सरकार ने कहा कि रूल 4(2) यूजर की प्राइवेसी को प्रभावित नहीं करता है। लोगों की निजता की सुरक्षा के लिए सामूहिक सुरक्षा की जरूरत है। केंद्र सरकार ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इन आईटी रूल्स को लागू किया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि आईटी रूल्स को चुनौती देने वाले व्हाट्स ऐप और फेसबुक की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। केंद्र ने कहा है कि व्हाट्स ऐप और फेसबुक दोनों विदेशी कंपनियां हैं, इसलिए उन्हें संविधान की धारा 32 और 226 का लाभ नहीं दिया जा सकता है।

27 अगस्त, 2021 को हाई कोर्ट ने व्हाट्स ऐप (WhatsApp) और फेसबुक की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। फेसबुक की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने आईटी रूल्स में ट्रेसेबिलिटी के प्रावधान का विरोध करते हुए कहा था कि यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है। 9 जुलाई, 2021 को व्हाट्स ऐप ने कोर्ट को बताया था कि वो अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को फिलहाल स्थगित रखेगा। व्हाट्स ऐप की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया था कि जब तक डाटा प्रोटेक्शन बिल नहीं आ जाता तब तक उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी लागू नहीं की जाएगी।

22 अप्रैल, 2021 को जस्टिस नवीन चावला की सिंगल बेंच ने व्हाट्स ऐप और फेसबुक की याचिका खारिज कर दिया था। इस आदेश को दोनों कंपनियों ने डिवीजन बेंच के समक्ष चुनौती दी है। सिंगल बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान व्हाट्स ऐप की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा था कि व्हाट्स ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी पर प्रतिस्पर्द्धा आयोग को आदेश देने का क्षेत्राधिकार नहीं है। इस मामले पर सरकार को फैसला लेना है। उन्होंने कहा था कि व्हाट्स ऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी यूजर्स को ज्यादा पारदर्शिता उपलब्ध कराना है।

प्रतिस्पर्द्धा आयोग ने कहा था कि ये मामला केवल प्राइवेसी तक ही सीमित नहीं है बल्कि ये डाटा तक पहुंच का है। उन्होंने कहा था कि प्रतिस्पर्द्धा आयोग ने अपने क्षेत्राधिकार के तहत आदेश दिया है। उन्होंने कहा था कि भले ही व्हाट्स ऐप की इस नीति को प्राइवेसी पॉलिसी कहा गया है लेकिन इसे मार्केट में अपनी उपस्थिति का बेजा फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है।

Tags: WhatsApp Chatwhatsapp featureswhatsapp policywhatsapp private policyWhatsapp StatusWhatsApp videowhatsapp voice call
Previous Post

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 345 अंक तक उछला

Next Post

बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई पर केंद्र और गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस

Writer D

Writer D

Related Posts

Move ON
Main Slider

नहीं कर पा रहे Move On… तो अपनाएं प्रेमानंद महाराज का बताया आसान उपाय

16/08/2026
Waxing
Main Slider

वैक्सिंग करवाने के बाद भूलकर भी ना करें ये गलतियां, काली पड़ सकती है त्वचा

16/08/2026
Marriage
Main Slider

बेटी की विदाई के तुरंत बाद घर में नहीं लगानी चाहिए झाड़ू, ये है बड़ी वजह

16/08/2026
Egg Manchurian
Main Slider

विकेंड स्पेशल में ट्राई करें स्वादिष्ट ऐग मंचूरियन, नोट करें आसान रेसिपी

16/08/2026
CM Dhami
Main Slider

विकसित भारत के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी: CM Dhami

15/08/2026
Next Post
Bilkis Bano

बिलकिस बानो के दोषियों की रिहाई पर केंद्र और गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस

यह भी पढ़ें

Fire

लखनऊ के बेस्ट बिरयानी रेस्टोरेंट में लगी आग, एक युवक की जिंदा जलकर मौत

09/12/2022
google pay logo

Google Pay में हुआ बड़ा बदलाव, अब फालतू के खर्च पर लगेगी लगाम

20/11/2020

मुख्य सचिव ने दिए 100% कचरा पृथक्करण के निर्देश

14/07/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version