• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तुलसी की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना घर से चली जाएगी सुख-समृद्धि

Writer D by Writer D
20/10/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
tulsi

Tulsi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

तुलसी (Tulsi) को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र पौधा माना जाता है। हर घर में आपको यह पौधा मिल जाएगा। तुलसी को देवी का दर्जा भी दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय है इसलिए तुलसी को हरिवल्लभा भी कहते हैं। भगवान विष्णु के विग्रह स्वरुप शालीग्राम के साथ मां तुलसी (Tulsi) का विवाह किया जाता है।

माना जाता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु तब सबसे पहले जागते हैं जब उन्हें हरिवल्लभा कहकर बुलाया जाता है। इसके अलावा जिस घर में यह पौधा लगा होता है वहां पर कभी भी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती।

ऐसा माना जाता है कि मृत्यु के समय तुलसी (Tulsi) के पत्ते को यदि गंगाजल के साथ व्यक्ति के मुंह में रखा जाए तो उसकी आत्मा को शांति मिलती है। लेकिन इसकी पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है तो चलिए जानते हैं इनके बारे में…

पौधे में लगाएं तुलसी (Tulsi)

तुलसी को हमेशा पॉट में लगाना चाहिए। इसे कभी भी मिट्टी में सीधे नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि यह काफी पूजनीय होती है ऐसे में इसको सीधा पॉट में लगाएं।

रविवार को न चढ़ाएं जल

तुलसी की पूजा आप रोज कर सकते हैं लेकिन रविवार के दिन भूलकर भी इनकी पूजा न करें। इसके अलावा इस दिन तुलसी में पानी भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

इस दिशा में लगाएं तुलसी (Tulsi)

वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा घर के आंगन पूर्वोत्तर या फिर उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। परंतु कभी भी यह पौधा दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यहां पर तुलसी लगाने से पितृ नाराज हो सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है। यहां तुलसी लगाने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है और घर में दरिद्रता का वास होता है।

इस दिन न तोड़ें तुलसी(Tulsi)

तुलसी कभी भी सूर्योदय के बाद नहीं छूनी चाहिए। एकादशी, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण के दौरान भी इसे छूना शुभ नहीं माना जाता है।

शादी शुदा जिंदगी के लिए तुलसी (Tulsi) का उपाय

यदि आपकी शादीशुदा जिंदगी में कलह-कलेश चल रहा है तो पति-पत्नी को रोज तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाना चाहिए। इससे आपके रिश्ते की डोर मजबूत होती है और शादीशुदा जिंदगी में आ रही कोई भी परेशानी भी दूर होती है।

Tags: AstrologyAstrology tipstulsi
Previous Post

मुख्य दरवाजे पर लगाएं आम के पत्तों की बंदनवार, घर में आएगी सुख-समृद्धि

Next Post

रोज-रोज के कलह-कलेश से हो चुके हैं परेशान, तो घर यहां लगाएं मोरपंख

Writer D

Writer D

Related Posts

Hichki
फैशन/शैली

बार-बार आती हिचकी से राहत के लिए करें ये उपाय

08/08/2026
Korean Footwear
Main Slider

कोरियन फुटवियर का Gen-Z गर्ल्स में क्रेज बढ़ा, पहली पसंद बने ये ट्रेंडी डिजाइन्स

06/08/2026
Coffee Face Pack
फैशन/शैली

10 रुपये का फेस पैक देगा नेचुरल ग्लो, मिनटों में निखरेगी स्किन

06/08/2026
Ekadashi
Main Slider

कामिका एकादशी कब है ? , जानें व्रत की पूजा-विधि और महत्व

06/08/2026
Laddu Gopal
Main Slider

सावन में लड्डू गोपाल की ऐसे करें सेवा, छोटी भूल पड़ सकती है भारी

06/08/2026
Next Post
Morpankh

रोज-रोज के कलह-कलेश से हो चुके हैं परेशान, तो घर यहां लगाएं मोरपंख

यह भी पढ़ें

oxygen express

ऑक्सीजन की पहली खेप लखनऊ पहुंचने से पहले ही दूसरी के लिए एक्सप्रेस रवाना

24/04/2021
DM Savin Bansal

सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम का निरीक्षण; पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

04/05/2026
Atiq Ahmad

बाहुबली अतीक अहमद की बढ़ी मुश्किलें, 20 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क

27/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version