• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

एवरेस्ट विजेता पहले दल के सदस्य कांचा शेरपा का निधन

Writer D by Writer D
18/10/2025
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय
0
Kancha Sherpa

Kancha Sherpa

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने के लिए 1953 के अभियान के अंतिम जीवित सदस्य कंछा शेरपा (Kancha Sherpa) का गुरुवार, 16 अक्टूबर को निधन हो गया। उन्होंने नेपाल की राजधानी काठमांडू के कापन स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। वह 1953 में माउंट एवरेस्ट के आखिरी कैंप तक पहुंचने वाली टीम के अंतिम जीवित सदस्य थे। नेपाल माउंटेनियरिंग एसोसिएशन (Nepal Mountaineering Association) ने उन्हें ऐतिहासिक और महान व्यक्तित्व का टाइटल दिया है।

कांचा (Kancha Sherpa) के पोते तेनजिंग चोयगल शेर्पा ने बताया कि उन्हें हाल के दिनों में गले की कुछ समस्या थी, लेकिन उम्र के लिहाज से वे किसी बड़ी बीमारी से पीड़ित नहीं थे।

सर एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे शेरपा (Sir Edmund Hillary and Tenzing Norgay Sherpa) को शिखर तक पहुंचने में कंचा शेरपा (Kancha Sherpa) द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बताया। हाल ही में पेट के कैंसर के इलाज के लिए उनके पैतृक गाँव नामचे बाज़ार , जो एवरेस्ट का प्रवेश द्वार है, से नेपाल की राजधानी लाया गया था।

1933 में नेपाल के नमचे गांव में जन्मे कांचा शेर्पा ने अपना बचपन और जवानी तिब्बत में गुजारी, जहां वह आलू का व्यापार करते थे। इसके बाद में वे दार्जिलिंग गए, जहां पर्वतारोहण की ट्रेनिंग लेकर Foreign mountaineers के साथ काम करना शुरू किया।

उनके पिता और तेनजिंग नोर्गे की दोस्ती की वजह से कांचा (Kancha Sherpa) को एवरेस्ट अभियान में High-Altitude Porter के रूप में काम मिला। उन्होंने 1953 के बाद भी दो दशक तक Himalayan expeditions में हिस्सा लिया, लेकिन बाद में पत्नी के कहने पर उन्होंने खतरनाक यात्राएं छोड़ दीं।

Tags: Kancha Sherpa
Previous Post

आत्मनिर्भर भारत अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत है- सीएम योगी

Next Post

धनतेरस पर बनाएं ये खास व्यंजन, लक्ष्मी पूजन में लगाएं भोग

Writer D

Writer D

Related Posts

Multani Mitti
Main Slider

डल स्किन भी खिल उठेगी, इन तरीकों से करें इस मिट्टी का इस्तेमाल

17/07/2026
PM Modi
Main Slider

प्रधानमंत्री का 18वां हरियाणा दौरा: 12,470 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

16/07/2026
cm dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने वृद्ध जागेश्वर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना

16/07/2026
Earthquake
अंतर्राष्ट्रीय

6.3 तीव्रता के भूकंप से कांपा ये देश, सुनामी अलर्ट जारी

16/07/2026
Ram Mandir
Main Slider

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चौंकाने वाला मोड़, SIT रिपोर्ट ने उठाए बड़े सवाल

16/07/2026
Next Post

धनतेरस पर बनाएं ये खास व्यंजन, लक्ष्मी पूजन में लगाएं भोग

यह भी पढ़ें

shot

सरेबाजार दो पत्रकारों को नकाबपोशों ने मारी गोली, मचा हड़कंप

14/07/2022
world war two

वर्ल्ड वार 2 के समय मणिपुर में गिरे थे बम, वह स्थान बनेगा पर्यटन स्थल

07/01/2021
Murder

पान मसाला विक्रेता की गोली मारकर की हत्या

10/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version