• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आंवला नवमी कब है, जानें शुभ मुहूर्त एवं महत्व

Writer D by Writer D
30/10/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Amla Navmi

Amla Navmi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आंवला नवमी (Amla Navmi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसा कहते हैं कि इस दिन आंवले के पेड़ में श्रीहरि निवास करते हैं और इस शुभ अवसर पर किए गए कार्यों का अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाला फल प्राप्त होता है। आंवला नवमी (Amla Navmi) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है और इस बार यह तिथि 30 और 31 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है, जिसके चलते कंफ्यूजन बन रही है कि यह पर्व कब मनाया जाए। चलिए हम आपको बताते हैं कि आंवला नवमी कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।

आंवला नवमी (Amla Navmi) कब है 2025?

पंचांग के मुताबिक, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 07 मिनट से शुरू होगी जो अगले दिन 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 04 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर आंवला नवमी यानी अक्षय नवमी 31 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।

आंवला नवमी (Amla Navmi) का शुभ मुहूर्त कब है?

आंवला नवमी (Amla Navmi) पर पूजा का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर 2025 को सुबह 06 बजकर 37 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इस पावन दिन आंवले के पेड़ की पूजा और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ माना गया है।

आंवला नवमी (Amla Navmi) पूजा मुहूर्त – 31 अक्टूबर को सुबह 6:37 से सुबह 10:04 मिनट तक।

आंवला नवमी (Amla Navmi) का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, आंवला नवमी पर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करने से अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। यह तिथि द्वापर युग की शुरुआत का प्रतीक मानी गई है, इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहा गया है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा कर परिवार की अरोग्यता और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

ऐसा माना जाता है कि इस दिन तप, जप, दान और व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने से शरीर के रोग दूर होते हैं और मन की शांति प्राप्त होती है।

Tags: amla navmi
Previous Post

नशामुक्त दून की दिशा में जिला प्रशासन ने बढाया कदम, ‘‘राजकीय नशामुक्ति केंद्र’’ 1 नवम्बर से संचालित

Next Post

तुलसी विवाह से पहले पौधे से तुरंत हटा दें ये चीज

Writer D

Writer D

Related Posts

Aloe Vera
फैशन/शैली

होममेड क्लींजर से करें फेस क्लीन, चेहरे पर आएगा ग्लो

25/06/2026
Diabetes
फैशन/शैली

डायबिटीज में संजीविनी बूटी है कटहल

25/06/2026
mashroom ki sabji
Main Slider

ऐसे बनाएं मशरूम की सब्जी, रोज होगी बनाने की डिमांड

24/06/2026
hands
फैशन/शैली

बेजान हाथ होंगे सॉफ्ट, अपनाएं ये आसान उपाय

24/06/2026
Oil
फैशन/शैली

डल और मुरझाई स्किन बनेंगी सॉफ्ट और ग्लोइंग, इससे करें मसाज

24/06/2026
Next Post
Tulsi

तुलसी विवाह से पहले पौधे से तुरंत हटा दें ये चीज

यह भी पढ़ें

UPSSSC

UPSSSC: होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती के लिए सर्टिफिकेट्स का वैरिफिकेशन 16 मार्च से

10/02/2021
sushant-shweta

श्वेता ने सुशांत की फोटो शेयर कर बोलीं- उसने जो भी किया, उसमें अपना 100 प्रतिशत दिया

24/09/2020
Bihar CM

कौन होगा बिहार का मुख्यमंत्री, बैठक में इन नामों पर बना सस्पेंस

15/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version