लंबे समय से सत्ता से दूर मायावती (Mayawati) इस बार काफी सक्रिय दिख रही हैं। चुनाव में ब्राह्मण की भूमिका को देखते हुए मायावती ने पहला टिकट ब्राह्मण बिरादरी के नेता को थमाया है।
मायावती (Mayawati) की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने यूपी चुनाव के लिए पहला टिकट आशीष पांडेय को दिया है। उन्हें जालौन जिले की माधौगढ़ सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है। साथ ही उन्हें माधौगढ़ सीट का प्रभारी भी बनाया गया है। माधौगढ़ बीएसपी का गढ़ माना जाता है। पार्टी जल्द ही चुनाव के लिए कई अन्य प्रभारियों के नाम का भी ऐलान करेगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीएसपी होली के बाद कानपुर मंडल की 5 और सीटों पर प्रभारियों की घोषणा करेगी। चुनाव तारीख के ऐलान से पहले घोषित प्रभारियों को ही पार्टी अपना प्रत्याशी बनाती है।
मायावती (Mayawati) समाज को साधने में जुटी
यूपी चुनाव के लिए पहला टिकट ब्राह्मण को देकर मायावती ने वर्तमान में खुद को उपेक्षित समझने वाली इस बिरादरी को साधने की कोशिश की है। वह पहले भी ब्राह्मण समाज की उपेक्षा पर चिंता जता चुकी हैं। पिछले कुछ समय से मायावती फिर से ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी हुई हैं। 7 फरवरी को पार्टी की अहम बैठक के बाद मायावती ने कहा था कि बीजेपी सरकार में सभी वर्गों के लोग त्रस्त हैं लेकिन उपेक्षा और असम्मान के खिलाफ ब्राह्मण समाज अधिक मुखर है।
मायावती (Mayawati) ने तब कहा था, “यहां सोचने की असल बात यह है कि उच्च जातियों खासकर ब्राह्मण बिरादरी को जितना आदर-सम्मान, पद और सुरक्षा सभी कुछ बीएसपी प्रमुख की ओर से पार्टी और सरकार के स्तर पर दिया गया क्या उतना कोई दूसरी पार्टी अथवा सरकार उन्हें दे पायी है?
2027 में 2007 वाला फॉर्मूला
साल 2007 के चुनाव में मायावती (Mayawati) ने शानदार सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूपी की सत्ता पर अकेले कब्जा जमाया था। वह परंपरागत दलित वोटों के साथ-साथ ब्राह्मण वोटरों को लेकर मैदान में उतरीं और इससे विपक्षी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा। तब मायावती पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ यूपी की सत्ता में आई थीं। अब मायावती उसी ब्राह्मण और दलित सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले को आजमाना चाह रही हैं।








