• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भ्रष्टाचार पर चला सीएम योगी का चाबुक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक बर्खास्त

Writer D by Writer D
06/03/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Dismissed

Dismissed

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय (Sheshnath Pandey) को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी की रिपोर्ट, अभिलेखीय साक्ष्य, संबंधित अधिकारी के जवाब और लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद यह कार्रवाई की गई। पांडेय (Sheshnath Pandey) पर लगाए गए 15 आरोपों में से 14 आरोप सिद्ध पाए गए।

जांच में सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं, कदाचार, तथ्यों को छिपाने, न्यायिक आदेशों की अनदेखी और नियमों के विरुद्ध आदेश पारित कर अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर कृत्य किए। इसे उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1956 का उल्लंघन माना गया है।

आरोप है कि एक मदरसे में पहले से सेवा समाप्त किए जा चुके व्यक्ति के लिए बिना वैध पुनर्नियुक्ति आदेश के वित्तीय अनुमोदन बहाल कर वेतन भुगतान का आदेश दिया गया। इससे एक ही पद पर दो लोगों के वेतन भुगतान की स्थिति बन गई।

जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय लिए और उ.प्र. अशासकीय मदरसा विनियमावली, 1987 एवं संशोधित विनियमावली, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। शासन ने 23 फरवरी 2026 को यह मामला लोक सेवा आयोग को भेजा था। आयोग ने 28 फरवरी को दंड पर सहमति दी, जिसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति से बर्खास्तगी का आदेश जारी कर विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई।

Tags: Sheshnath Pandey
Previous Post

गाय के लिए धर्मयुद्ध, इस दिन लखनऊ में शुरू होगा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन

Next Post

खेती और विश्वकर्मा अर्थव्यवस्था की मुख्य नींव: पीएम मोदी

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने आवास में देर रात तक जिलाधिकारियों और एसएसपी के साथ की मेराथन बैठक

13/10/2026
Main Slider

कांग्रेस के पास ठोस मुद्दे नहीं, इसलिए EVM,चुनाव आयोग और SIR पर उठा रही सवाल: CM धामी

13/10/2026
उत्तर प्रदेश

योगी का सपा पर वार: ‘माफिया के लिए बहाते हैं आंसू, गरीबों की नहीं इन्हें चिंता’

13/10/2026
Balvatika
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में बालवाटिका के बच्चों की शिक्षा को मिलेगी नई पहचान, यू-डायस पोर्टल पर दर्ज होगा विद्यार्थीवार विवरण

13/10/2026
Main Slider

उत्तराखंड के लाल का अपमान बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री धामी

13/10/2026
Next Post
pm modi

खेती और विश्वकर्मा अर्थव्यवस्था की मुख्य नींव: पीएम मोदी

यह भी पढ़ें

कोविड-19

देश में अब तक कुल केस 21.50 लाख से ज्यादा, कोरोना के रिकॉर्ड 64399 नए मामले

09/08/2020

यह समय सोने का नहीं, संकल्प करके त्याग-तप और परिश्रम का है: प्रधानमंत्री मोदी

20/01/2022
HOME REMEDIES

पीले नाखूनों से मिलेगा छुटकारा, ट्राई करें ये उपाय

30/01/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version