लखनऊ: उत्तर प्रदेश की कृषि मंडियों से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था को राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियां अब एगमार्कनेट 2.0 (Agmarknet 2.0) से जुड़ गई हैं। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के ई-मंडी पोर्टल का एगमार्कनेट 2.0 के साथ API आधारित एकीकरण पूरा होने के बाद मंडियों से संबंधित बाजार सूचना राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेगी। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से इस एकीकरण और शत-प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग की सराहना किए जाने की जानकारी दी गई है।
केंद्र सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, एगमार्कनेट 2.0 को कृषि बाजारों से जुड़ी कीमतों, आवक और अन्य बाजार सूचनाओं को डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराने तथा राज्य के कृषि मंडी पोर्टल से API के माध्यम से डेटा प्राप्त करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
ई-मंडी से एगमार्कनेट 2.0 तक ऐसे जुड़ेगा मंडियों का डेटा
उत्तर प्रदेश में ई-मंडी व्यवस्था के माध्यम से मंडियों की विभिन्न प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। अब इस व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के एगमार्कनेट 2.0 नेटवर्क से जोड़ने के बाद प्रदेश की मंडियों में दर्ज कृषि जिंसों के भाव और आवक से संबंधित सूचनाओं का डिजिटल प्रवाह राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक सुनिश्चित किया गया है।
API आधारित एकीकरण का मतलब है कि अलग-अलग डिजिटल प्रणालियों के बीच डेटा का तकनीकी आदान-प्रदान हो सके। केंद्र सरकार के एगमार्कनेट 2.0 दस्तावेज में भी राज्य के पोर्टल या मोबाइल एप से कमोडिटी से जुड़ी जानकारी, जैसे किस्म, ग्रेड, भाव और आवक आदि को API के जरिए एगमार्कनेट 2.0 में एकीकृत करने की व्यवस्था का उल्लेख है।
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के अनुसार, सभी 251 मंडियों के जुड़ने के बाद प्रदेश के पूरे मंडी नेटवर्क से मार्केट रिपोर्टिंग को शत-प्रतिशत स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हुआ है। इससे मंडी स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं को राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना प्रणाली में शामिल करने की व्यवस्था मजबूत हुई है।
किसान जान सकेंगे किस मंडी में क्या भाव और कितनी आवक
इस डिजिटल एकीकरण का सीधा संबंध किसानों के लिए बाजार सूचना की उपलब्धता से है। अलग-अलग मंडियों में किसी कृषि उपज के क्या भाव चल रहे हैं और वहां कितनी मात्रा में उपज पहुंच रही है, इसकी जानकारी उपलब्ध होने पर किसान विभिन्न बाजारों की स्थिति की तुलना कर सकेंगे।
मंडी भाव और आवक के आंकड़े किसानों को अपनी उपज के विपणन से जुड़े निर्णय लेने में उपयोगी जानकारी दे सकते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी जिंस की अलग-अलग मंडियों में कीमत और आवक की स्थिति देखकर किसान बाजार के रुझान को समझ सकते हैं। हालांकि वास्तविक बिक्री मूल्य स्थानीय बाजार की स्थिति, उपज की गुणवत्ता, किस्म, ग्रेड और अन्य कारोबारी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
व्यापारियों के लिए भी अलग-अलग मंडियों में आवक और कीमतों की जानकारी एक साथ उपलब्ध होना उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा कृषि बाजार से जुड़े आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन से बाजार के रुझानों के विश्लेषण और नीतिगत योजना बनाने के लिए भी डेटा का आधार मजबूत होगा।
251 मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग का दावा
एगमार्कनेट 2.0 के साथ तकनीकी एकीकरण के साथ उत्तर प्रदेश की सभी 251 मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित होना इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। मंडियों से नियमित रूप से भाव और आवक संबंधी सूचनाओं की रिपोर्टिंग होने पर राष्ट्रीय स्तर पर कृषि बाजार की तस्वीर को अधिक व्यापक रूप से देखा जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, तकनीक के माध्यम से मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और किसानोपयोगी बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि बाजार से जुड़ी सही सूचना समय पर किसान तक पहुंचना डिजिटल व्यवस्था की उपयोगिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी 251 मंडियों को एगमार्कनेट 2.0 से जोड़ने से भाव और आवक की सूचनाओं के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोटमारे की ओर से भी सभी 251 मंडियों के सफल API एकीकरण और शत-प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग की सराहना किए जाने की जानकारी दी गई है। इसे मंडी परिषद, मंडी समितियों, अधिकारियों, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताया गया है।
क्या है एगमार्कनेट 2.0?
एगमार्कनेट यानी Agricultural Marketing Information Network कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़ा राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य कृषि बाजारों में उपलब्ध कीमत, आवक और अन्य संबंधित सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से किसानों, व्यापारियों, सरकारी अधिकारियों और कृषि बाजार से जुड़े अन्य हितधारकों तक पहुंचाना है।
एगमार्कनेट 2.0 की तकनीकी रूपरेखा में कृषि उपज के दैनिक भाव, आवक, किस्म और ग्रेड जैसी सूचनाओं को डिजिटल रूप से दर्ज करने तथा राज्य के कृषि मंडी पोर्टल से API के जरिए डेटा एकीकृत करने की व्यवस्था शामिल है। केंद्र सरकार के दस्तावेज में इसे कृषि बाजार सूचना और विश्लेषण को मजबूत करने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का उल्लेख है।
उत्तर प्रदेश में ई-मंडी पोर्टल के एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ने के बाद प्रदेश की 251 मंडियों से बाजार संबंधी सूचनाओं को राष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क तक पहुंचाने की व्यवस्था और व्यापक हो गई है। इससे किसानों के लिए विभिन्न बाजारों की कीमत और आवक से जुड़ी जानकारी तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।









