• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मनुष्य को बोलते वक्त हमेशा इस बात का रखना चाहिए ध्यान

Desk by Desk
17/12/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार शब्दों पर आधारित है।

‘शब्दों में जिम्मेदारी झलकनी चाहिए, आपको बहुत से लोग पढ़ते हैं।’ आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि मनुष्य के शब्दों में हमेशा जिम्मेदारी झलकनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि आपको बहुत से लोग पढ़ते हैं। कुछ मनुष्य बोलते वक्त कई बार सोचते हैं तो कुछ कई बार ऐसे ही चीजों को बोल देते हैं। ऐसे में आचार्य का कहना है कि मनुष्य को बोलते वक्त अपने शब्दों के चयन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि शब्दों के द्वारा ही आपका व्यक्तित्व बनता है। शब्दों की गरिमा हमेशा बनाकर रखनी चाहिए। जब तक शब्द की गरिमा बनी रहेगी तभी सामने वाला ये समझ पाएगा कि आप कितने जिम्मेदार हैं।

अक्सर ऐसा होता है कि लोग किसी से बात करते वक्त ये ध्यान नहीं देते कि वो क्या कह रहे हैं। कई बार लोग दूसरों से बात करते वक्त ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जिससे ये पता चलता है कि वो किस तरह की प्रवृत्ति के है्ं। उदाहरण के तौर पर अगर आप परिवार की बात करें तो परिवार में कई लोग एक साथ रहते हैं। कई बार घर के बड़ों की बातों में उस जिम्मेदारी का एहसास नहीं होता जो घर के छोटों की बातों में होता है। यहां तक कि कई बार आपने लोगों के मुंह से ये कहते भी सुना होगा कि काश तुम बड़े होते और ये छोटा। ये शब्द तभी लोग इस्तेमाल करते हैं जबकि आपके शब्दों में जिम्मेदारी का अभाव हो।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

नए कृषि कानून से किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी : तोमर

Next Post

किसानों के हित से विपक्ष का कोई लेना-देना नहीं : गिरिराज

Desk

Desk

Related Posts

Dhami cabinet took 13 major decisions
Main Slider

उत्तराखंड में विकास को रफ्तार: धामी कैबिनेट ने लिए 13 बड़े फैसले

18/06/2026
NEET-2026
Main Slider

योगी सरकार का छात्र हितैषी निर्णय, NEET-2026 के अभ्यर्थियों को नगरीय परिवहन बसों के किराए में 50 प्रतिशत की छूट

18/06/2026
Illegal notice on Yogi's dream project
Main Slider

मुख्तार की जमीन पर बना योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट अवैध करार, ध्वस्तीकरण की तैयारी

18/06/2026
8 members of TTH module arrested
Main Slider

दिल्ली-NCR में बड़े हमले की तैयारी! ISI की साजिश का खुलासा; 8 सदस्य गिरफ्तार

18/06/2026
CM Yogi
Main Slider

सपा के लिए सैफई ही घर-परिवार, मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर, 25 करोड़ लोग परिवार: मुख्यमंत्री

18/06/2026
Next Post
giriraj singh

किसानों के हित से विपक्ष का कोई लेना-देना नहीं : गिरिराज

यह भी पढ़ें

shikhar aesha

Shikhar Aesha Divorce : शिखर-आयशा के मिलने से लेकर बिछड़ने की कहानी

08/09/2021
Ram

खत्म हुआ भक्तों का इंतजार, इस दिन होंगे रामलला के दर्शन

23/05/2023
revolver

युवक पर दबंगों ने किया जानलेवा हमला, घर पर की फायरिंग

06/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version