• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

प्रदेश की एक ऐसी सीट जहां बार-बार निर्दलीयों ने गाड़ा है झंडा

Desk by Desk
23/02/2022
in उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
independent

independent

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। संगमनगरी प्रयागराज में एक से बढ़कर एक सियासी दिग्गज हुए लेकिन बिरले ही पार्टी लाइन से हटकर व्यक्तिगत पहचान बना सके। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि चुनावी समर में पिछले तीन दशकों में किसी भी निर्दल (independent) की दाल नहीं गल सकी।

पार्टी ने टिकट काट दिया तो बड़े से बड़े दिग्गज या तो शांत होकर बैठ गये या फिर दूसरे दल का सहारा लेकर राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करते नजर आये। जिले में इलाहाबाद पश्चिम सीट ने सर्वाधिक चार बार निर्दलीयों को बागडोर सौंपी है।

आखिरी बार 1993 में इलाहाबाद पश्चिम से अतीक अहमद निर्दलीय चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। उससे पहले 1989 और 1991 में भी अतीक अहमद को इसी सीट से निर्दलीय जीत हासिल हुई थी।

इलाहाबाद पश्चिम से ही 1969 में हबीब अहमद निर्दलीय चुने गये थे। 1967 में करछना से निर्दलीय एस दीन ने कांग्रेस उम्मीदवार के. प्रसाद को हराकर चुनाव जीता था। 1967 में ही हंडिया से अथईराम ने निर्दलीय जीत दर्ज की थी। कई सीटों पर कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों ने कांटे की टक्कर तो दी लेकिन जीत से दूर ही रहे।

1993 में हंडिया से निर्दलीय उतरे राकेशधर त्रिपाठी दूसरे स्थान पर रहे। उस चुनाव में बसपा के जोखूलाल यादव को जीत मिली थी। 1989 में सोरांव से जनता दल के भोला सिंह को जीत मिली थी और निर्दल प्रत्याशी मो. शमी को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। 1967 में बारा से कांग्रेस के हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस जीते थे और निर्दलीय एचएस पांडेय उपविजेता रहे।

1967 में इलाहाबाद पश्चिमी से कांग्रेस के चौधरी नौनिहाल सिंह जीते थे और निर्दलीय बीपी कुशवाहा दूसरे स्थान पर थे। 1967 में कौड़िहार से कांग्रेस के एसएन सिंह विजयी हुए तो निर्दलीय आरपी पटेल उपविजेता बने थे।

Tags: Election 2022UP Assembly Election 2022up chunav 2022up election 2022चुनावचुनाव 2022विधानसभाविधानसभा चुनाव 2022
Previous Post

वो चुनाव के नाम पर वोट की बात करते हैं, हम काम के नाम परः मनीष सिसोदिया

Next Post

राम मंदिर बनने लगा, भगवा रंग चढने लगा, विरोधी का रंग उतरने लगा 

Desk

Desk

Related Posts

Nandini Yojana changed the life of Shakuntala Devi
उत्तर प्रदेश

मोदी-योगी सरकार की नंदनी योजना बनी वरदान, प्रयागराज की शकुंतला देवी हुईं आत्मनिर्भर

15/07/2026
Preparations to hold simultaneous Lok Sabha and Assembly elections in 2029 intensified: PP Choudhary
Main Slider

2029 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव साथ कराने की तैयारी तेज: पीपी चौधरी

15/07/2026
43.218 km long Varuna Elevated Corridor will be constructed
Main Slider

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर: वाराणसी को मिलेगी 43 किमी लंबी नई शहरी यातायात व्यवस्था

15/07/2026
Ravi Kishan
उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा मामला: रवि किशन बोले- दोषियों को मिले सबसे कड़ी सजा

15/07/2026
CM Yogi
Main Slider

यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी : योगी आदित्यनाथ

15/07/2026
Next Post

राम मंदिर बनने लगा, भगवा रंग चढने लगा, विरोधी का रंग उतरने लगा 

यह भी पढ़ें

cm yogi

जमीन घोटाले में घिरे 3 SDM पर CM योगी की सख्त कार्रवाई, पद से किए गए डिमोट

06/06/2021
Suresh Raina

सुरेश रैना पहुंचे ईडी दफ्तर, अवैध सट्टेबाजी ऐप केस में पूछताछ जारी

13/08/2025
Share Market

वैश्विक दबाव से शेयर बाजार में गिरावट का रुख

03/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version