“झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए”—इसी बुलंद हौसले के साथ जंतर-मंतर पर डटे छात्रों ने केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही जंतर-मंतर पर महीनों से जारी छात्र आंदोलन का एक अहम पड़ाव पूरा हो गया है।
इस सफलता के बाद मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर कोई डरे नहीं और संघर्ष पर अडिग रहे, तो किसी भी सरकार को झुकाया जा सकता है। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का धन्यवाद करते हुए चुटकी ली कि उनके द्वारा ‘कॉकरोच’ कहे जाने ने ही इस आंदोलन को नई धार दी।
सीजेपी प्रमुख ने चेतावनी दी कि जब तक पुलिसिया कार्रवाई का शिकार हुए छात्रों के केस वापस नहीं लिए जाते और जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक जंतर-मंतर से आंदोलन का यह मोर्चा यूं ही जमा रहेगा।







