• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

23 नवंबर को आंवला नवमी, जानें पौराणिक महत्व और पूजा विधि

Desk by Desk
23/11/2020
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। प्राणियों में आरोग्य प्रदान करने की पूर्ण शक्ति रखने वाला आंवला और अक्षय नवमी का व्रत कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 23 नवंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार आंवला, पीपल, वटवृक्ष, शमी, आम और कदम्ब के वृक्षों को चारों पुरुषार्थ दिलाने वाला कहा गया है। क्योंकि इनके समीप जप-तप पूजा-पाठ करने से सभी पाप मिट जाते हैं मनुष्य के लिए कुछ भी पाना शेष नहीं रहता।

आंवला वृक्ष का पौराणिक महत्व

स्कन्द पुराण के अनुसार पूर्वकाल में जब समस्त संसार समुद्र में डूब गया था तो जगतपिता ब्रह्मा जी के मन में श्रृष्टि पुनः उत्पन्न करने का विचार आया। वे एकाग्रचित होकर परम कल्याणकारी ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का उपांशु जप करने लगे। वर्षों बाद जब भगवान विष्णु उन्हें दर्शन-वरदान देने हेतु प्रकट हुए और इस कठिन तपस्या का कारण पूछा, तो ब्रह्मा जी ने कहाकि हे ! जगतगुरु मैं पुनः मैथुनी सृष्टि आरम्भ करना चाहता हूँ आप मेरी सहायता करें।

ब्रह्मा जी के करुणाभरी वाणी से प्रसन्न होकर श्रीविष्णु जी कहा कि ब्रह्मदेव आप चिंता न करें मेरे ही संकेत से आपके ह्रदय में सृष्टि सृजन की लहरें उठ रही हैं। श्रीविष्णु जी के दिव्यदर्शन एवं आश्वासन से ब्रह्मा जी भावविभोर हो उठे। उनकी आँखों से भक्ति-प्रेम वश आंसू बहकर नारायण के चरणों पर गिर पड़े, जो तत्काल वृक्ष के रूप में परिणित हो गए।  ब्रह्माजी के आंसू और विष्णु जी के चरण के स्पर्श मात्र से वह वृक्ष अमृतमय हो गया। विष्णु जी उसे धात्री (जन्म के बाद पालन करने वाली दूसरी मां) नाम से अलंकृत किया। सृष्टि सृजन के क्रम में सर्वप्रथम इसी ‘धात्रीवृक्ष’ की उत्पत्ति हुई।

सभी वृक्षों में प्रथम उत्पन्न होने के कारण ही इसे आदिरोह भी कहा गया है। विष्णु जी ने वरदान दिया की मैथुनी सृष्टि सृजन के पवित्र संकल्प को पूर्ण करने में यह धात्री वृक्ष आपकी मदद करेगा। जो जीवात्मा इसके फल का नियमित सेवन करेगा वह त्रिदोषों वात, पित्त एवं कफ जनित रोंगों से मुक्त रहेगा। इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को जो भी प्राणी आँवले के वृक्ष का पूजन करेगा उसे विष्णु लोक प्राप्त होगा। तभी से इस तिथि को धात्री अथवा आंवला नवमी के रूप में मनाया जाता है।

आंवला नवमी पूजा विधि

इस दिन स्नान, पूजन, तर्पण तथा अन्नादि के दान से अक्षय अनंत गुणा फल मिलता है। पद्म पुराण में भगवान शिव ने कार्तिकेय से कहा है कि आंवला वृक्ष साक्षात विष्णु का ही स्वरूप है। यह विष्णु प्रिय है और इसके स्मरण मात्र से गोदान के बराबर फल मिलता है। इसे स्पर्श करने पर दोगुना तथा फल सेवन पर तीन गुणा फल प्राप्त होता है। यह सदा ही सेवन योग्य है किन्तु रविवार, शुक्रवार, संक्रांति, प्रतिपदा, षष्टी, नवमी और अमावस्या को आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए। जो प्राणी इस वृक्ष का रोपण करता है उसे उत्तम लोक की प्राप्ति होती है। इस दिन इस वृक्ष की छाया में भोजन-पकवान बनाएं। ब्राह्मण भोजन कराएं उन्हें सुयोग्य दक्षिणा देकर विदा करें और स्वयं भी भोजन करें।

Tags: amal navmi puja vidhiamla navamiamla navami 2020 dateamla navami dateFestivals Hindi NewsFestivals News in HindiSpirituality News in Hindiआंवला नवमी
Previous Post

रिवर फ्रंट घोटाला: CBI जल्द करेगी और गिरफ्तारियां, चीफ इंजीनियर से पूछताछ जारी

Next Post

जब बच्चे स्वस्थ होंगे, तब समाज व राष्ट्र भी स्वस्थ एवं मजबूत होगा : योगी

Desk

Desk

Related Posts

SIT re-enters Ram Temple offering theft case
Main Slider

राम मंदिर चंदा चोरी: आज खुलेगा महा-घोटाले का पूरा राज, SIT दाखिल करेगी अंतिम रिपोर्ट

15/07/2026
CM Bhagwant Mann
Main Slider

मुख्यमंत्री सेहत योजना से स्ट्रोक मरीजों का भी मुफ्त इलाज, 914 मरीजों को मिला नया जीवन

15/07/2026
Sharad Pawar
Main Slider

शरद पवार ने विपक्ष को दिया झटका, डिलिमिटेशन बिल का समर्थन करेगी NCP (SP)

15/07/2026
CM Yogi
Main Slider

हिंदू आस्था पर प्रहार करने वाले आज आस्था की बात कर रहे हैं: मुख्यमंत्री योगी

15/07/2026
hair
फैशन/शैली

सिल्की बालों के लिए जादू है ग्लिसरीन, ऐसे करें इस्तेमाल

15/07/2026
Next Post
Cm Yogi

जब बच्चे स्वस्थ होंगे, तब समाज व राष्ट्र भी स्वस्थ एवं मजबूत होगा : योगी

यह भी पढ़ें

अशोक गहलोत Ashok Gehlot

कोरोना संकट काल में भी विकास को रूकने नहीं दिया : गहलोत

18/08/2020
Iran Strike

ईरान ने एक बार फिर पाकिस्तान में घुसकर की स्ट्राइक, जैश-अल-अदल का कमांडर ढेर

24/02/2024
bhadprada amavasya

जानें कब है भाद्रपद अमावस्या, इस दिन दान और पितृ तर्पण का क्या होता है महत्व

17/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version