देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने अभियोजन से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और अपराधियों को कानून के अनुसार शीघ्र सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया का उद्देश्य दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाना है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मामलों की प्रभावी पैरवी आवश्यक है।
मुख्य सचिव मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों ने जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव ने अभियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न जिलों में अभियोजन से संबंधित मामलों की प्रगति की जानकारी ली।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें समय पर कराने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अभियोजन से संबंधित मामलों में स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें निर्धारित समय पर आयोजित नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बैठकों का आयोजन नियमित रूप से और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियोजन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के साथ प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
जघन्य अपराधों में संवेदनशीलता के साथ हो त्वरित कार्रवाई
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में जघन्य अपराधों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए जघन्य अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अभियोजन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने अभियोजन प्रक्रिया में सामने आने वाली व्यावहारिक, प्रक्रियात्मक और समन्वय संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी स्तर पर समस्या आने पर उसका शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की दी जानकारी
बैठक के दौरान महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जिलाधिकारियों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 15 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों और जनभागीदारी आधारित गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ‘भारत 2047’ कार्यक्रम के अंतर्गत 17 सितंबर से 8 अक्टूबर तक विकसित भारत और ‘भारत 2047’ विषय पर विद्यार्थियों के लिए निबंध, चित्रकला और भाषण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। श्रेष्ठ चित्रों को एनिमेटेड लघु फिल्मों में शामिल कर प्रदर्शित किया जाएगा।
स्कूलों में लगेंगी ‘सेवा और सपना’ की प्रदर्शनियां
महानिदेशक सूचना ने बताया कि ‘सेवा और सपना’ के तहत प्रदेशभर के विद्यालयों में प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। वहीं, 1 से 7 अक्टूबर तक ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें युवाओं, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को तकनीक, विकास और सोशल इनोवेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत के भविष्य से जुड़े समाधान तैयार करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
‘जन कल्याण संवाद’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ भी होगी
उन्होंने बताया कि ‘जन कल्याण संवाद’ के माध्यम से प्रौद्योगिकी, खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को एक मंच पर लाया जाएगा। इसके जरिए समाज और दुनिया के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी।
इसके अलावा 7 अक्टूबर 2026 को ‘सेवा ज्योति यात्रा दिवस’ के अवसर पर रिले मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पेशेवर एथलीटों के साथ आम नागरिक भी हिस्सा ले सकेंगे। इस दौरान खेल प्रतियोगिताओं के साथ साइकिलिंग और बाइक रैली जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल. फेनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, निर्देश कुमार झा, विजय कुमार, चंद्रेश कुमार यादव, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. वी. षणमुगम, युगल किशोर पंत, विनोद कुमार सुमन, राजेंद्र कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल मंडल के आयुक्त समेत विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।







