• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बनारसी लंगड़ा आम और पान को मिला जीआई टैग

Writer D by Writer D
03/04/2023
in उत्तर प्रदेश, वाराणसी
0
Langra Mango

Langra Mango

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वाराणसी। काशी ने एक बार फिर जीआई (GI) के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है और यहां के चार नए उत्पाद जीआई की झोली में आए, जिससे काशी क्षेत्र में अब कुल 22 और उत्तर प्रदेश में 45 जीआई उत्पाद दर्ज हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) द्वारा स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इन प्रयासों का अब असर दिखने लगा है।

जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ रजनीकान्त ने बताया कि नाबार्ड उप्र एवं योगी सरकार के सहयोग से प्रदेश के 11 उत्पादों को इस वर्ष जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिसमें 7 उत्पाद ओडीओपी में भी शामिल हैं और 4 कृषि एवं उद्यान से संबंधित उत्पाद काशी क्षेत्र से हैं। इसमें बनारसी लंगड़ा आम (Langra Mango) (जीआई पंजीकरण संख्या – 716), रामनगर भंटा (717), बनारसी पान (730) (Banarsi Pan) तथा आदमचीनी चावल (715) शामिल हैं। इसके बाद अब बनारसी लंगड़ा (Langra Mango) जीआई टैग के साथ दुनिया के बाजार में दस्तक देगा।

बनारसी ठंडाई, लाल भरवा मिर्च, तिरंगी बर्फी भी कतार में

उन्होंने बताया कि बनारस एवं पूर्वांचल के सभी जीआई उत्पादों में कुल 20 लाख लोग शामिल हैं और लगभग 25,500 करोड़ का सालाना कारोबार होता है। डॉ रजनीकान्त ने कहा नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) उप्र के सहयोग से कोविड के कठिन समय में उप्र के 20 उत्पादों का जीआई आवेदन किया गया था, जिसमें लम्बी कानूनी प्रक्रिया के उपरांत 11 जीआई टैग प्राप्त हो गए।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले माह के अन्त तक शेष 9 उत्पाद भी देश की बौद्धिक सम्पदा में शुमार हो जाएंगे, जिसमें बनारस का लाल पेड़ा, तिरंगी बर्फी, बनारसी ठंडई और बनारस लाल भरवा मिर्च के साथ चिरईगाँव का करौंदा भी शामिल रहेगा।

पूर्व में बनारस एवं पूर्वांचल से 18 जीआई रहे हैं, जिसमें बनारस ब्रोकेड एवं साड़ी, हस्तनिर्मित भदोही कालीन, मिर्जापुर हस्तनिर्मित दरी, बनारस मेटल रिपोजी क्राफ्ट, वाराणसी गुलाबी मीनाकारी, वाराणसी वूडेन लेकरवेयर एण्ड ट्वायज, निजामाबाद ब्लैक पाटरी, बनारस ग्लास बीड्स, वाराणसी साफ्टस्टोन जाली वर्क, गाजीपुर वाल हैगिग, चुनार बलुआ पत्थर, चुनार ग्लेज पाटरी, गोरखपुर टेराकोटा क्राफ्ट, बनारस जरदोजी, बनारस हैण्ड ब्लाक प्रिन्ट, बनारस वूड काविंग, मिर्जापुर पीतल बर्तन, मउ साड़ी भी शुमार है।

एक हजार से अधिक किसानों का होगा जीआई अथराइज्ड के रूप में पंंजीकरण

नाबार्ड के एजीएम अनुज कुमार सिंह ने संबंधित सभी किसानों एवं उत्पादकों, एफपीओ के साथ ही जुड़े हुए स्वयं सहायता समूहों को बधाई दिया और कहा कि आने वाले समय में नाबार्ड इन जीआई उत्पादों को और आगे ले जाने हेतु विभिन्न योजनाएं शुरू करने जा रहा है जिसका बड़ा लाभ मिलेगा एवं वित्तीय संस्थाएं भी उत्पादन एवं मार्केटिंग हेतु सहयोग प्रदान करेंगी।

वीटीएस से मिली पीएमजीएसवाई में एफडीआर टेक्नोलॉजी को रफ्तार

ज्ञात हो कि बनारस लंगड़ा आम (Langra Mango) के लिए “जया सिड्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड”, रामनगर भंटा के लिए “काशी विश्वनाथ फामर्स प्रोड्यूसर कम्पनी, आदमचीनी चावल के लिए “ईशानी एग्रो प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” चन्दौली, तथा बनारस पान (पत्ता) के लिए ” नमामि गंगे फामर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” एवं उद्यान विभाग वाराणसी ने ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन एवं नाबार्ड, तथा राज्य सरकार के सहयोग से आवेदन किया था, जिससे यह सफलता प्राप्त हुई और आने वाले 4 माह के अन्दर इन सभी 4 उत्पादों में 1000 से अधिक किसानों का जीआई अथराइज्ड यूजर का पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे वह जीआई टैग का प्रयोग कानूनी रूप से कर सकें और बाजार में नकली उत्पादों को रोका जा सके।

बता दें कि उप्र के 7 ओडीओपी उत्पाद जिसमें अलीगढ़ ताला, हाथरस हिंग, मुज्जफरनगर गुड़, नगीना वुड कार्टिंग, बखीरा ब्रासवेयर, बाँदा शजर पत्थर क्राफ्ट, प्रतापगढ़ ऑवला को भी 31 मार्च को जीआई का टैग प्राप्त हो गया है।

Tags: banarasi pangi tagLangra MangoYogi News
Previous Post

वीटीएस से मिली पीएमजीएसवाई में एफडीआर टेक्नोलॉजी को रफ्तार

Next Post

सीएम धामी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, वन्दे भारत रेल सेवा शुरू करने का किया आग्रह

Writer D

Writer D

Related Posts

No Tobacco Pledge
उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में यूपी देश में नंबर वन

09/03/2026
Prerna Canteen
उत्तर प्रदेश

प्रेरणा कैंटीन से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं लखपति

09/03/2026
UP Economy
उत्तर प्रदेश

डेटा इकॉनामी की नई राजधानी बनने की राह पर उत्तर प्रदेश

09/03/2026
ODOP
उत्तर प्रदेश

ओडीओपी योजना से मिला संबल, 10 लाख के ऋण से खड़ा किया डिजिटल लॉक का व्यवसाय

09/03/2026
Atal Residential SchoolAtal Residential School
उत्तर प्रदेश

89 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न परीक्षा, 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

09/03/2026
Next Post
CM Dhami met PM Modi

सीएम धामी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, वन्दे भारत रेल सेवा शुरू करने का किया आग्रह

यह भी पढ़ें

viral video

सिंह को भैसे से पंगा लेना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया पर वायरल

28/11/2020
Eyes

इन आसान उपायों से आँखेँ बनेगी खूबसूरत

18/03/2025
Mehndi

शिव की भक्ति, सावन की हरियाली…, इन खूबसूरत मेहंदी डिजाइन्स से सजाएं अपने हाथ

15/07/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version