लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, सप्रू मार्ग, लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महिला छात्रावास का विधिवत शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में स्थापित नवीन मशीनों का फीता काटकर शुभारंभ किया तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट, आर्थिक अनुदान राशि के डेमो चेक एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं से संवाद किया तथा उनके अनुभवों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया।
अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का आधार गांवों का विकास है। जब गांव समृद्ध होंगे, किसान सशक्त होंगे और स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित होंगे, तभी प्रदेश विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं की प्रदर्शनी आयोजित की जाए, ताकि युवाओं, महिलाओं, किसानों एवं उद्यमियों को विभागीय योजनाओं, अनुदानों एवं रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर आकर्षक अनुदान उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त यदि कोई इकाई अपने परिसर में सोलर प्लांट स्थापित करती है तो उस पर 90 प्रतिशत तक अनुदान का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
पांच औद्योगिक इकाइयों को जारी किए गए लेटर ऑफ कम्फर्ट
• मैसर्स ए.के. फ्लोर मिल्स, बाराबंकी को मल्टीग्रेन फ्लोर मिल एवं वैल्यू एडेड पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹3.77 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।
• मैसर्स अशोक कैटल एवं पोल्ट्री फीड्स लिमिटेड, वाराणसी को कैटल फीड निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹2.38 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।
• मैसर्स पट्टन सॉल्वेन्ट, कुशीनगर को सॉल्वेन्ट एक्सट्रैक्शन इकाई की स्थापना हेतु ₹2.07 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।
• मैसर्स राज इंटरप्राइजेज, लखीमपुर खीरी को पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹1.78 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।
• मैसर्स दृष्टि प्योर्स, लखनऊ को मस्टर्ड ऑयल इकाई के विस्तारीकरण हेतु ₹77 लाख का स्वीकृत अनुदान।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को किया सम्मानित
• मैसर्स डियर फूड्स, गोरखपुर — पास्ता एवं सॉस निर्माण इकाई।
• मैसर्स सोना गोल्ड एग्रोकेम प्रा. लि., बाराबंकी — फीड निर्माण इकाई।
• मैसर्स अविराम क्रीमरीज प्रा. लि., बुलंदशहर — दुग्ध आधारित उत्पाद निर्माण इकाई।
• मैसर्स सुंदरी फूड इंडस्ट्रीज, बाराबंकी — सीरियल्स, पल्सेस एवं ऑयल सीड प्रसंस्करण इकाई।
लाभार्थियों को वितरित किए गए अनुदान राशि के डेमो चेक
• मैसर्स पालीवाल एग्रो प्रोडक्ट्स, आजमगढ़ — मल्टीग्रेन फ्लोर मिल इकाई हेतु ₹250.00 लाख।
• मैसर्स शारदा फ्रोजन एग्रो प्रोसेसिंग प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹500.00 लाख।
• मैसर्स फैविना प्रोडक्ट्स प्रा. लि., कौशाम्बी (प्रयागराज) — सोलर पावर प्लांट स्थापना हेतु ₹7.149 लाख।
• मैसर्स वी.एस.ए.जी. सॉल्यूशन प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹457.260 लाख।
• मैसर्स तराई फोस्ट प्रा. लि., रामपुर — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹498.409 लाख।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को रोजगार, निवेश, किसानों की आय वृद्धि तथा महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा, विशेष सचिव राजकमल यादव, निदेशक उद्यान बी.पी. राम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के रजनीकान्त पाण्डेय, उप सचिव श्री प्रभंजन यादव, संयुक्त निदेशक एम.पी. सिंह, निदेशक आर-फ्रैक डॉ. हरीश कुमार, माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. रामराखा, फल उद्योग विकास अधिकारी सुजीत कुमार राजभर, फल संरक्षण अधिकारी मनोज सागर, संस्थान की छात्राएं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उद्यमी, लाभार्थी एवं विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।









