• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तकनीक के जरिये दस मिनट में मिलेगा राम के जीवन दर्शन का लाभ

Writer D by Writer D
15/06/2021
in Main Slider, अयोध्या, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, राजनीति
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में साढ़े 13 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले रामकथा संग्रहालय में श्रद्धालु 270 डिग्री प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक इमेजिंग, एलईडी वाॅल के जरिये श्रीराम के जीवन दर्शन का लाभ ले सकेंगे।

पर्यटन मंत्री डॉ.नीलकंठ तिवारी ने सोमवार को यहां पर्यटन निदेशालय के सभागार में अयोध्या स्थित रामकथा संग्रहालय की योजना की समीक्षा की। केन्द्र सरकार के म्यूजियम ग्राण्ट स्कीम के तहत रामकथा संग्रहालय में राम कथा पर आधारित डिजिटल इन्टरवेन्शन के लिये 13.48 करोड़ की योजना स्वीकृत की गयी है, जिसमें से आठ करोड़ का अनुदान केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय वहन करेगा जबकि शेष धनराशि प्रदेश सरकार देगी।

डा तिवारी ने बताया कि रामकथा संग्रहालय में चार गैलरी प्रस्तावित है, जिसमें 270 डिग्री प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक इमेजिंग, एलईडी वाॅल इत्यादि के माध्यम से प्रभु श्रीराम की जीवनी दर्शायी जाएगी। प्रत्येक गैलरी में 30 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी तथा प्रति गैलरी में लगभग 10 मिनट का प्रभु श्रीराम के जीवन काल के प्रसंगो पर आधारित कथा का प्रदर्शन होगा।

पर्यटन मंत्री ने सुझाव दिया कि रामचरितमानस का पूर्ण अध्ययन करने के बाद ही रामकथा पर आधारित डिजिटल इन्टरवेन्शन का कार्य किया जाना उचित होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या का समग्र इतिहास आध्यात्मिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझना अत्यन्त आवश्यक है।

उन्होने कहा “ हमारी ऐतिहासिक धरोहरों की तरफ पर्यटकों को आकर्षित किए जाने के लिये विकसित किया जाना आवश्यक है, मगर धरोहरों को बिना नुकसान पहुँचाए, उस स्थान का विकास किया जाना चाहिए। जो भी विकास कार्य हो, वह उत्तम श्रेणी का एवं विश्व स्तरीय हो।”

डा तिवारी ने कहा कि प्रभु श्री राम की कथा का प्रारम्भ उसके इतिहास से होना चाहिए, जिसमें सूर्यवंशी राजाओं का सम्पूर्ण इतिहास सम्मिलित हो। जो भी चित्र बनाए जाएं, उन सभी का गहन शोध किया गया हो तथा हर चरित्र के मुख के भाव की अभिव्यक्ति का उसमें समावेश हो। प्रभु श्रीराम की कथा को ऐसे दर्शाया जाए, जिससे बच्चें एवं युवा उनकी जीवनी से भली-भाँति परिचित हो सकें और उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसार और अपनाने का प्रयास कर सकें।

Tags: ayodhya newsneelkanth tiwariup news
Previous Post

निजी सुरक्षा एजेंसियां करें नियमों का पालन : CM योगी

Next Post

पुरानी रंजिश के चलते पट्टीदार की धारदार हथियार से हत्या, तीन घायल

Writer D

Writer D

Related Posts

Share Market
Business

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के

18/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Kundali
Main Slider

कुंडली के दोषों को इन उपायों से करें दूर

17/05/2026
Sawan
Main Slider

ऐसे करें रुद्राक्ष असली है या नकली

17/05/2026
Next Post
murder

पुरानी रंजिश के चलते पट्टीदार की धारदार हथियार से हत्या, तीन घायल

यह भी पढ़ें

मिसाइल गिरने से पाक घबराया, पूर्व राजदूत ने कहा- कुछ खतरनाक कर रहा भारत

14/03/2022
shrikant sharma

उपभोक्ता की समस्या सरकार की समस्या, उपभोक्ता की संतुष्टि ही सरकार की संतुष्टि : श्रीकांत

25/12/2020

UGC NET Exam 2021 की तारीखों का ऐलान, 2 मई से शुरू होंगे पेपर

02/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version