• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इन पांच स्त्रियों का नाम लेने मात्र से हो जाएगा आपका कल्याण

Writer D by Writer D
04/02/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
पतिव्रता स्त्रियाँ

पतिव्रता स्त्रियाँ

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कहा जाता है हर धर्म के प्रति उससे जुड़े लोगों की आस्था अटूट होती है और वह उससे जुड़े हर काम को करने के लिए तैयार रहते हैं. जी हाँ, वहीं लोग अपने धर्म से जुड़ें देवताओं की पूजा करते हैं और इसी तरह हिन्दू धर्म में कई देवी देवताओ के पूजा का नियम है. ऐसे में आज हम आपको ऐसी ही 5 पौराणिक महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने पतिव्रता धर्म से एक नया आदर्श स्थापित किया. आइए जानते हैं इनके बारे में.

*अहिल्या माता – आप सभी को बता दें कि अहिल्या गौतम ऋषि की पत्नी थी। इंद्र के धोखे के कारन इनको गौतम ऋषि से शिला होने का श्राप मिला था जिन्हें भगवान राम ने त्रेता युग में अपने पांव से छूकर श्राप मुक्त किया था.

*मंदोदरी – आप जानते होंगे कि लंकाधिपति रावण की पत्नी मंदोदरी भी इन पांच सतियों में स्थान रखती हैं। वहीं उस समय रावण को इन्होंने श्रीराम से युद्ध न करने और सीता को छोड़ देने के लिए बहुत समझाया। रावण की मृत्यु के पश्चात मंदोदरी के भीषण रुदन का जिक्र भी किया गया है.

*तारा – आपको बता दें कि तारा का प्राकट्य समुद्र मंथन के समय हुआ था और कालांतर में यह वानरराज बाली की पत्नी बनी। सुग्रीव से मित्रता करने को लेकर बाली को देवी तारा ने बहुत समझाया गया था.

*कुंती – कहते हैं कुंती का जन्म नाम पृथा था लेकिन महाराज कुन्तिभोज ने इन्हें गोद ले लिया था जिसके कारण इनका नाम कुंती हो गया। वहीं देवी कुंती कृष्ण के पिता वासुदेव की बहन थी और उन्होंने अपना पतिव्रत धर्म निभाते हुए अपने पति महाराज पाण्डु की दूसरी पत्नी को भी स्वीकार किया.

*द्रोपदी – कहा जाता है द्रोपदी का जन्म यज्ञसेनी के रूप में हुआ था और महारज द्रुपद ने एक मनोकामना पूर्ती यज्ञ किया था जिसमे द्रोपदी का जन्म हुआ। वहीं द्रोपदी पांचों पांडवों की अकेली पत्नी थी लेकिन अपन पतिव्रता धर्म नहीं छोड़ा और इसी वजह से जब उनका चीरहरण हो रहा था तो भगवान कृष्ण ने उनकी इज्जत बचाई थी.

Tags: DraupadiHindu dharmamandodarimata ansuiyaद्रौपदीपतिव्रता स्त्रियाँमंदोदरीमाता अनसुईया
Previous Post

शुक्र ग्रह की शांति और बड़े फायदे के लिए इस मंत्र का करें जाप, अद्भुत परिणाम मिलेंगे

Next Post

जानें कब है बसंत पंचमी, इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

सड़क निर्माण में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: केशव मौर्य

20/10/2026
Main Slider

शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे नागपुर से किया अरेस्ट, बहन और ड्राइवर भी पकड़े गए

20/10/2026
Main Slider

आप बोल भी नहीं पा रहे हैं, तो गाएंगे कैसे? धामी के मंत्री ने दलेर मेहंदी को मंच पर लताड़ा

20/10/2026
Main Slider

विजयादशमी पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने किया महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन

20/10/2026
Main Slider

UKSSSC भर्ती परीक्षा स्थगित, नई तारीखें जल्द होंगी घोषित

20/10/2026
Next Post
Basant Panchami

जानें कब है बसंत पंचमी, इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

यह भी पढ़ें

yogi

अग्निपथ पर सुनहरे भविष्य के अवसरों के अनेकानेक मार्ग : सीएम योगी

20/06/2022
SP's protest over workers' issues

मजदूरों के मुद्दे पर सपा का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प

11/08/2026
दीपोत्सव

रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारी पूरी, राम की पैड़ी पर दिखेगा त्रेतायुग जैसा नजारा

12/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version