नोएडा के पारस तिएरा अपार्टमेंट (Paras Tierra Society) ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के 2026 के चुनाव परिणाम आने के बाद सोसाइटी में विवाद खड़ा हो गया है। यहां रहने वाले निवासियों ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे निष्पक्ष मानने से इनकार कर दिया है। लोगों का मुख्य आरोप है कि चुनाव में पारदर्शिता की भारी कमी थी। उनका कहना है कि मतदान के लिए इस्तेमाल किए गए मतपत्रों (Ballot Papers) पर कोई सीरियल नंबर नहीं लिखा था और न ही चुनाव कराने के लिए कोई निष्पक्ष समिति बनाई गई थी। इसके अलावा, मतदान खत्म होने के बाद मतपेटियों (Boxes) को कहां और कितनी सुरक्षा में रखा गया, इसे लेकर भी स्थिति साफ नहीं की गई।
प्रशासन और रजिस्ट्रार से की गई लिखित शिकायत
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सोसाइटी के लोगों ने कानून और प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। निवासियों ने नोएडा-गाजियाबाद के सब-रजिस्ट्रार से इसकी आधिकारिक शिकायत की है और गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम को भी लिखित तहरीर सौंपी है। निवासियों ने चुनाव अधिकारी विवेका सिंह, अभय सिंह और मोहम्मद हसीब की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की है।
लोगों का कहना है कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक चुनाव से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाने चाहिए ताकि उनके साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
दोबारा चुनाव की मांग
सोसाइटी (Paras Tierra Society) के लोगों ने एक चौंकाने वाला आरोप यह भी लगाया है कि पिछले फॉरेंसिक ऑडिट में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, वही लोग इस बार चुनाव में फिर से जीत गए हैं। इससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह गहरा गया है। निवासियों ने मांग की है कि पूरे मामले की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में गड़बड़ी साबित होती है, तो वर्तमान चुनाव परिणामों को रद्द कर सोसाइटी में फिर से पारदर्शी तरीके से चुनाव आयोजित किए जाएं।









