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कब है चेहल्लुम, इस्लाम में क्यों मनाया जाता है ये त्योहार?

Writer D by Writer D
19/08/2024
in धर्म, फैशन/शैली
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Chehalum

Chehalum

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इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार चेहल्लुम (Chehalum) शहीद-ए-कर्बला की याद में हर साल मनाया जाता है। मुस्लिम समाज में चेहल्लुम को अरबीन भी कहा जाता है। इस्लाम में मान्यता है कि दसवीं मुहर्रम को इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत के 40वें दिन मनाया जाता है। इमाम हुसैन, हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के नवासे थे और उन्होंने यजीद की बुराईयों के खिलाफ जंग लड़ी थी।

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, चेहल्लुम (Chehalum) का त्योहार 24 अगस्त को मनाया जाएगा। ईरान और ईराक में 20 सफर की तारीख 24 है इसलिए यहां चेहल्लुम 24 अगस्त को मनाया जाएगा और भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में 25 अगस्त को चेहल्लुम का त्योहार मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग चेहल्लुम को शहादत के रूप में हर साल मनाते हैं।

त्याग और बलिदान का भी प्रतीक है ये त्योहार

मान्यता है कि चेहल्लुम (Chehalum) केवल शोक का त्यौहार ही नहीं है, बल्कि यह साहस, त्याग और बलिदान का भी प्रतीक है। यह त्यौहार मुसलमानों को इमाम हुसैन के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने और एक बेहतर इंसान बनने का संदेश देता है। यह त्यौहार इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने न्याय, समानता और सत्य के लिए अपना बलिदान दिया था। यह त्यौहार त्याग और बलिदान की भावना को याद करने का भी समय है।

शोक सभाएं होती हैं आयोजित

चेहल्लुम (Chehalum) का त्यौहार सब्र, सहनशीलता, न्याय और समानता जैसे इस्लामी मूल्यों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। इसलिए इस दिन शोक सभाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत के बारे में नौहे और मरसिए पढ़े जाते हैं। शोक जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें लोग सीनाजोई करते हैं, मातम करते हैं और कर्बला की लड़ाई का नाट्य-मंचन करते हैं। इसके अलावा गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और अन्य सहायता दी जाती है।

Tags: ChehalumChehalum dateChehalum importanceislam
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