• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मुख्यमंत्री ने “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

Writer D by Writer D
22/08/2026
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
CM Dhami

CM Dhami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने नई दिल्ली में आयोजित “The Economic Times World Leaders Forum 2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास मॉडल, समान नागरिक संहिता, सुशासन, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, नवाचार और बुनियादी ढांचे सहित राज्य की विकास यात्रा पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने देश के सामने सुशासन और समान अधिकारों का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक वातावरण बना है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा अब देश के अन्य राज्यों को भी समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी राज्य ने निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

रोजगार के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद लगभग दो दशकों में जहां करीब 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले पांच वर्षों में ही 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधारों के माध्यम से युवाओं के विश्वास को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में समानता और आधुनिकता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसके स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। देवभूमि उत्तराखण्ड में शिक्षा के मंदिर मजबूत हों और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के माध्यम से सरकारी भूमि को सुरक्षित करने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड की औद्योगिक पहचान में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखते हुए उन्हें धरातल पर उतारने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां कीं। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग के रूप में सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई गति देगी। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। आदि कैलाश क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन को केवल एक मौसम तक सीमित रखने के बजाय बारह महीने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। चारधाम, धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन तथा विंटर टूरिज्म को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सर्दियों में भी पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी और स्थानीय लोगों को अपने गांवों में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि विंटर टूरिज्म के विस्तार से होमस्टे, ढाबे, छोटे होटल, परिवहन, स्थानीय उत्पाद और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पहले सर्दियों में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों से नीचे की ओर आ जाते थे, लेकिन सरकार का प्रयास है कि पर्यटन और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर लोगों को अपने गांवों और क्षेत्रों में ही आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। इसी सोच के साथ सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं, कनेक्टिविटी, पर्यटन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में नवाचार नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जो राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उत्तराखण्ड सरकार हर क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड में निवेशकों को बेहतर वातावरण मिले और नए उद्योगों के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान, निवेशकों को बेहतर वातावरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के क्षेत्र में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ के आयोजन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को आगामी जनवरी 2027 के कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

Tags: cm dhamiUttarakhand News
Previous Post

अखिलेश यादव को जयंत चौधरी से मांगनी चाहिए माफी : केशव प्रसाद मौर्य

Next Post

पहले मुझे गोली मारो, फिर इनका एनकाउंटर करो—SSP पर BKU नेताओं ने लगाया गंभीर आरोप

Writer D

Writer D

Related Posts

पंजाब

पंजाब में CBI रेड पर सियासत गरम, भगवंत मान बोले- ‘चुनाव आ गए’

07/10/2026
cm bhagwant mann
पंजाब

CBI रेड पर भगवंत मान का BJP पर हमला, बोले- टीमें खाली हाथ लौटीं

07/10/2026
उत्तराखंड

सरकारी खरीद में BIS मानकों का अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव

07/10/2026
Main Slider

आबे मेमोरियल कॉरिडोर नई पीढ़ी के लिए एक जीवंत क्लासरूम : सीएम योगी

07/10/2026
Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी

07/10/2026
Next Post
Alleged brutality against BKU leaders Digvijay Bhati and Mohit Jatav

पहले मुझे गोली मारो, फिर इनका एनकाउंटर करो—SSP पर BKU नेताओं ने लगाया गंभीर आरोप

यह भी पढ़ें

सबसे सस्ते Laptop की कीमत में कटौती! Jio ने घटाए लैपटॉप के दाम

सबसे सस्ते Laptop की कीमत में भारी कटौती! Jio ने घटाए लैपटॉप के दाम

28/11/2025
Rose Petals

गुलाब की पंखुड़ियों से मिलेंगे गुलाबी गाल, जानें इस्तेमाल का तरीका

08/06/2023

सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर में टेका मत्था, निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

28/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version