लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति और स्कॉलरशिप (Scholarship) वितरण में देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम योगी ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप में लापरवाही बरतने वाले 100 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है।
इनमें से 14 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों के शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय जांच और कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित स्कॉलरशिप योजनाओं में कई जिलों में अनियमितताएं और देरी की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों की गहन जांच के बाद सीएम योगी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
जांच में पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने स्कॉलरशिप वितरण और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की या लापरवाही बरती। इसके परिणामस्वरूप, 14 अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी गई है, जो उनके सेवा रिकॉर्ड पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी। इसके अलावा, 100 से अधिक अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है और उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी बढ़ा दी गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की स्कॉलरशिप योजना के तहत SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। हालांकि, कुछ जिलों में स्कॉलरशिप राशि के वितरण में देरी और अनियमितताओं की शिकायतों ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सीएम (CM Yogi) की अधिकारियों को चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, “छात्रों का भविष्य हमारी प्राथमिकता है। SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों को समय पर स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









