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सीएम योगी का सिंगापुर और जापान दौरा संपन्न: एमओयू व निवेश प्रस्तावों से यूपी में 5 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद

Writer D by Writer D
26/02/2026
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
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CM Yogi

CM Yogi

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यामानाशी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) का चार दिवसीय सिंगापुर व जापान दौरा अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। इस यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार को ₹1.5 लाख करोड़ के एमओयू तथा ₹2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से 5 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और यह उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

यूपी की कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता पर वैश्विक विश्वास

मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जापान में ₹90,000 करोड़ के एमओयू और लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार सिंगापुर में ₹60,000 करोड़ के एमओयू और लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का कार्य इन्वेस्ट यूपी और राज्य के अन्य संबंधित विभाग समयबद्ध ढंग से करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रारंभ से रहा फोकस अब परिणाम दे रहा है। टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता से वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित होता है और यही विश्वास दोनों देशों में उत्तर प्रदेश के प्रति दिखाई दिया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया गया है तथा रूल ऑफ लॉ के अनुरूप बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव निवेश के माहौल पर पड़ा है।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने यह भी बताया कि यामानाशी के गवर्नर अगस्त माह में लगभग 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश आने वाले हैं, जो संभावित निवेश को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इसी प्रकार सिंगापुर से भी एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आने को उत्सुक है। सीएम योगी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय के साथ संवाद का अवसर भी मिला। सिंगापुर, टोक्यो और यामानाशी, तीनों स्थानों पर भारतीय समुदाय के साथ बड़े और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुए, जिन्होंने भारत और उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मकता और विश्वास को और सुदृढ़ किया।

5 लाख रोजगार की संभावना

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पर्याप्त स्केल, बड़ा लैंड बैंक और निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट सेक्टोरल पॉलिसियां हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर रही है। यदि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव जमीनी धरातल पर उतरते हैं, तो 5 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर और जापान की यह यात्रा केवल समझौतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किलिंग, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

नए अवसरों की शुरुआत

सिंगापुर व जापान के चार दिवसीय दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि आज यात्रा का चौथा दिन है और एक प्रकार से यह यात्रा के विराम का दिन है। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया में भारत के प्रति अत्यंत सकारात्मक भाव बना है। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणादायी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े आठ-नौ वर्षों में जो ठोस कदम उठाए गए हैं, उनका सकारात्मक संदेश विश्व के देशों तक पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चार दिनों में प्रतिनिधिमंडल ने अनेक विशिष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ सार्थक संवाद किया। जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें संपन्न हुईं, जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ तथा बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों के माध्यम से औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। दोनों देशों में इन सभी बैठकों और कार्यक्रमों को मिलाकर लगभग 60 से अधिक औपचारिक संवाद और कार्यक्रम आयोजित हुए।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने बताया कि इस दौरान तीन बड़े निवेश रोड शो आयोजित किए गए, एक सिंगापुर में, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशक और वित्तीय संस्थानों के अध्यक्ष एवं सीईओ उपस्थित रहे तो दूसरा टोक्यो में और तीसरा आज जापान के प्रमुख प्रांत यामानाशी में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल मिलाकर लगभग 450 से 500 निवेशक, उद्योगपति तथा वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए, जो उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर गंभीर और उत्साहित दिखे।

सिंगापुर में टेक्नोलॉजी, फिनटेक से लेकर टूरिज्म तक सकारात्मक संवाद

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान सिंगापुर में आईटी, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, टूरिज्म, फिनटेक, मेडटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को लेकर अत्यंत सकारात्मक वार्ता हुई। अनेक निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू किए, जबकि कई अन्य कंपनियों ने अपने निवेश प्रस्ताव भी सौंपे। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख सिंगापुर-आधारित कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी तत्परता के साथ आने को तैयार है। इसके बाद टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर की बैठकें संपन्न हुईं। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने तथा जापानी बिजनेस लीडर्स को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। जापान के विदेश मंत्री के साथ उनकी सकारात्मक और सार्थक वार्ता हुई। साथ ही आर्थिक मामलों के मंत्री और उपमुख्यमंत्री स्तर के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यामानाशी के गवर्नर इस पूरी यात्रा के दौरान सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

ऑटो, ग्रीन हाइड्रोजन और ‘जापान सिटी’ पर ठोस पहल

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने बताया कि जिन कंपनियों के साथ बैठकें हुईं, उनमें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सीएनजी और सोलर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। विशेष रूप से सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा मोटर्स और मित्सुई जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ सार्थक चर्चा हुई। इसके अलावा उद्योग एवं वाणिज्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि यामानाशी सरकार ने इन बैठकों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने यामानाशी में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के विकास के लिए पर्याप्त जल संसाधन महत्वपूर्ण होते हैं और इस दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश के समृद्ध राज्यों में है। यामानाशी सरकार ने उत्तर प्रदेश को उन्नत तकनीक से जोड़ने तथा प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण अर्थात स्किलिंग में सहयोग देने की तत्परता व्यक्त की है। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच एमएसएमई क्षेत्र में तकनीक हस्तांतरण, ऑनलाइन सेलिंग और अन्य सहयोगात्मक विषयों पर भी सहमति बनी है। साथ ही, यीडा क्षेत्र में जापानी निवेशकों के लिए एक समर्पित ‘जापान सिटी’ विकसित किए जाने पर विस्तार से चर्चा हुई और इसके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

तकनीक, निवेश और स्किल साझेदारी पर सहमति

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि सिंगापुर में प्रतिनिधिमंडल ने इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (आईटीई) जैसे उच्च स्तरीय स्किलिंग सेंटर का निरीक्षण किया। वहां संचालित प्रशिक्षण मॉड्यूल, उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था का विस्तार से अध्ययन किया गया। इसके साथ ही एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा, वेयरहाउसिंग प्रणाली और कार्गो प्रबंधन की प्रक्रियाओं को भी समझा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अनुभव उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे, विशेषकर एमआरओ और लॉजिस्टिक्स हब के विकास में। उन्होंने बताया कि जापान प्रवास के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल ने सुपर हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन का अवलोकन किया और उसमें यात्रा का अनुभव भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ ही मिनटों में लगभग 500 किलोमीटर प्रति घंटा की गति प्राप्त करने वाली यह ट्रेन आधुनिक परिवहन तकनीक का अद्भुत उदाहरण है। कुछ ही मिनट्स में हमने कई किलोमीटर की दूरी तय कर ली। इसके अतिरिक्त रोबोटिक्स फैक्ट्री और उसके आरएंडडी सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां उद्योगों में ऑटोमेशन और उन्नत तकनीक की बढ़ती भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया।

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